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दागदार हाथों में सिक्योरिटी

चंडीगढ़चंडीगढ़ पुलिस की कमान दागदार, लापरवाह और गैरजिम्मेदाराना हाथों में सौंप दी गई है। छोटे से झगड़े से लेकर खौफनाक वारदात तक में आपका वास्ता संबंधित थाने के एसएचओ से पड़ता ही है। और फिर बहुत से लोगों को यह शिकायत रहती है कि पुलिस ने उनके मामले ठीक से हैंडल नहीं किए।

चंडीगढ़ के 11 थानों में नियुक्त एसएचओज के अतीत पर नजर दौड़ाएं तो आप पाएंगे कि इनमें से 9 की वर्दी दागदार है। कई ऐसे इंस्पेक्टरों को एसएचओ की कुर्सी पर तैनात किया गया है, जो लगातार कई बार खुद अपनी ही लापरवाहियों पर विभाग से सजा पा चुके हैं।

इंस्पेक्टर राजेश शुक्ला (एसएचओ-39)

ज्वॉइनिंग डेट: 26अप्रैल, ८२

इतिहास: 26 साल में 15 बार सजा।

बड़ी सजा : 10 साल तक विभाग ने उनकी इंक्रीमेंट रोकी। दो साल की परमानेंट इंक्रीमेंट भी (सर्विसफोरफिट) रोकी गई।

सजा:

>> 8.4.1999- चालान पेंडिंग करने पर सेंश्योर। >>16.1.1997- लैक ऑफ सुपरविजन पर दो साल की इंक्रीमेंट रुकी। >>4.12. 1997 को टाइम पर केस चालान न बनाने पर सेंश्योर। >>२.6.1998 को एफआईआर नंबर-१, अपहरण मामले में सेंश्योर। >> 5.7.998 को केस पेंडिंग रखने पर सेंश्योर। >>26.4.१९९९ को केस डायरी जमा न करने पर सेंश्योर। >>15.9.1999 को केस डिस्पोज ऑॅफ न करने पर सेंश्योर। >> 28.8.2000 को दो साल की इंक्रीमेट रुकी। >>10.8.2001 को लंबे समय तक केस फाइल अपने पास रखने पर दो साल का इंक्रीमेंट परमानेंट जब्त। >> 22.8.2002को केस डिस्पोज ऑफ करने में देरी, एक साल की इंक्रीमेंट रुकी। >> 22.8.2003 को ट्रांसफर के दौरान चार्ज हैंडओवर न करने पर एक साल की इंक्रीमेंट रुकी। >> २३.4.2003 को केस कोर्ट में जमा न कराने पर दो साल की इंक्रीमेंट परमानेंट जब्त >> 22.5.2003 को केस डिस्पोज ऑफ न करने पर सेंश्योर। >>११.8.2003 को पुलिस अफसर और थ्रीव्हीलर चालक से मिसबिहेव करने पर सेंश्योर। >> 27.12.2003 को कम्प्लेंट डिसपोज ऑफ न करने पर सेंश्योर

इंस्पेक्टर हरि कुमार (एसएचओ मनीमाजरा)

>> ज्वॉइनिंग डेट :16अगस्त 1972

>> इतिहास : 36 साल में 7 बार सजा। >> सजा: १७.११.१९८९ को दो शिकायतें पेंडिंग रखने पर सेंश्योर। >> 21.7.१९९२ को शराब की रिकवरी पर मेमो तैयार न करने पर सेंश्योर। >> ९.१क्.१९९५ का लैक ऑफ सुपरविजन पर सेंश्योर। >> 4.92002 को एफआईआर नंबर-९९/९२ में सेंश्योर। >> 16.३.2003 ट्रांसफर के दौरान चार्ज न सौंपने पर सेंश्योर। >> 7.4.2003 केस डिपोजऑफ न करने पर सेंश्योर। >> 10.06.2006 अफसरों के आदेश न मानने पर सेंश्योर।

इंस्पेक्टर सुदर्शन कुमार (एसएचओ-34) ज्वॉइनिंग डेट :16 अगस्त 1972 इतिहास: 36 साल की नौकरी, 6 बार सजा

सजा: >> 1.2.1980 आरोपी को हथकड़ी सही से न बांध रखने पर सेंश्योर। >> 24.6.1988 को आरोपी का अफेंस चेंज करने पर सेंश्योर। >> 2.8.1981 को चालान कोर्ट में न देने पर सेंश्योर। >> 22.5.1990 का अफसरों आदेश न मानने पर सेंश्योर। >>5.1.1995 में चैकिंग के दौरान मिसकंडक्ट करने पर सेंश्योर। >> 4.8.2000 सही कार्रवाई न करने पर सेंश्योर।

इंस्पेक्टर रमेश चंद (एसएचओ-11) ज्वॉइनिंग डेट : 1 दिसंबर 1974 इतिहास : 34 साल की नौकरी, दो बार सजा। सजा: >> 16.5.2005 को इन्वेस्टीगशन में इंट्रस्ट न दिखाने पर सेंश्योर। >>17.6.2005 को आरोपी की गिरफ्तारी में इंट्रस्ट न दिखाने पर सेंश्योर।

इंस्पेक्टर दविंदर शर्मा (एसएचओ 36) ज्वॉइनिंग डेट : 25 अक्टूबर 1987 इनका कारनामा: जिस थाने में एसएचओ है, उसी थाने में उनके खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज हुआ। इसी थाना क्षेत्र में उनसे गोली चली, जो उन्हीं के लगी।

सजा: 8.4.1999 को शराब के नशे में पाए जाने पर सेंश्योर।

इंस्पेक्टर रामगोपाल (एसएचओ थाना-3)

ज्वॉइनिंग डेट :16 मार्च 1991

24 जनवरी 2002 में इंस्पेक्टर प्रमोट हुए।

डिग्री पर ही सवाल :

पुलिस विभाग एसएचओ इंस्पेक्टर रामगोपाल डिग्री की जांच कर रही है कि वह असली है या नहीं। इसी डिग्री के आधार पर वह प्रमोट हुए। हालांकि विभाग सारे मामले की सच्चई को सीआईडी जांच के जरिए छिपाने पर जुटा है। इंस्पेक्टर जगीर सिंह (एसएचओ इंडस्ट्रियल एरिया)

एसएचओ जगीर सिंह को महिला एसआई से छेडछाड़ पर गिरफ्तार किया गया।

सजा: >>19.8.1985 को कोर्ट में आरोपी को न पहचानने पर सेंश्योर। >> 4.1.2005 को शिकायत दबाने पर सेंश्योर।

इंस्पेक्टर भुपिंदर सिंह (एसएचओ-31)

ज्वॉइनिंग डेट : 1 दिसंबर 1974

सजा: इंस्पेक्टर भुपिंदर सिंह को 18 अक्टूबर 1993 को 940 रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में सेंश्योर नोटिस दिया गया।

इंस्पेक्टर कुलवंत पन्नू (एसएचओ-17)

ज्वॉइनिंग डेट : 27 अप्रैल 1979

इंस्पेक्टर कुलवंत पन्नू को मालखाने में जमा सोने में कमी पेशी पर आरोप झेलने पड़े। जबकि अब वह आरोपों से मुक्त हो चुके है।





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