कोलकाता.
भारत और बांग्लादेश के बीच 43 साल शुरू हुई मैत्री एक्सप्रेस को ऑल बंगाल सिटीजन फोरम ने पश्चिम बंगाल के आरनघाट के पास रोका।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आईएसआई को आश्रय देने वाले देश से हम दोस्ती की रेल नहीं चलने देंगे।
आज सुबह कोलकाता-ढाका मैत्री एक्सप्रेस को विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इस मौके पर रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव भी मौजूद थे।
गौरतलब है कि भारत और बांग्लादेश के बीच 43 साल बाद रेल सेवा बहाल हुई है। वर्ष 1965 तक ढाका और कोलकाता के बीच रेल सेवा थी लेकिन उसी समय पाकिस्तान के साथ युद्ध शुरू हुआ और यह सेवा बंद कर दी गई थी।
छह डिब्बों वाली मैत्री एक्सप्रेस सप्ताह में दो दिन कोलकाता और ढाका कैंटोनमेंट के बीच चलेगी। कोलकाता से शनिवार और रविवार को सुबह 7.10 बजे खुलेगी और ढाका रात 10.30 बजे पहुंचेगी।
ढाका से मैत्री एक्सप्रेस सुबह 8.30 बजे खुलेगी और यह कोलकाता 9 बजे रात को पहुंचेगी। भारत से चलने वाली ट्रेन में 368 यात्रियों के बैठने की जगह होगी जबकि बांग्लादेशी ट्रेन में 418 यात्रियों की बैठने की जगह होगी। इसमें एसी-फर्स्ट का किराया 780 रुपये और सबसे सस्ता किराया 320 रुपये है। ट्रेन में छह डिब्बे हैं, जिसमें से एक एसी-फर्स्ट का, एक पैंट्री कार, एक एसी चेयर कार और दो गैर एसी चेयर कार होंगे।
इस मौके पर सूचना और प्रसारण मंत्री प्रिय रंजन दासमुंशी, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी और भारत में बांग्लादेश के उच्चयुक्त लियाकत अली चौधरी कोलकाता रेलवे टर्मिनल पर मौजूद थे।