न्यूयार्क. एक नए शोध में पता चला है कि ‘एंथ्रेक्स’ को रोकने वाली दवा अब ‘स्प्रे’ के रूप में भी उपलब्ध हो सकेगी। यह दवा उन सैन्य अधिकारियों के लिए उपयोगी हो सकती है जो इस जविक हथियार (एंथ्रेक्स )के खतरे से हमेशा जूझते रहते हैं।
गौरतलब है कि एंथ्रेक्स एक संक्रमित बीमारी है। इसके जीवाणु हवा या शरीर की त्वचा के द्वारा लोगों के शरीर में प्रवेश करते हैं और अधिकांश मामले में इस संक्रामण से लोगों की मौत भी हो जाती है।
रोस्टर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मिंतागो जेंग ने कहा, म्युकोसल डिलिवरी सिस्टम द्वारा दी गई हमारी दवा म्यूकस मेंम्बरेंस (श्लेम संबंधी या झिल्ली) पर एक परत बनाकर एंथ्रेक्स के विषाणुओं को रोक देती है और यह शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ाने में भी सहायक होती है।
शोधकर्ताओं ने बताया कि इस दवा का चूहों समेत विभिन्न जानवरों पर प्रयोग किया जा चुका है और इसके परिणाम देखकर वे उत्साहित हैं।
अमेरिकी रक्षा विभाग के मुताबिक हाल के वर्ष में एंथ्रेक्स तेजी से एक युद्धक हथियार के रू प में उभरा है क्योंकि यह हवा में फैल सकता है। यह डाक द्वारा, मिसाइल द्वारा और यहां तक कि हवाई जहाज द्वारा भी आसानी से फैलाया जा सकता है।
गौरतलब है कि 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए आतंकवादी हमले के बाद एंथ्रेक्स से भरे लिफाफों के कारण वहां पांच लोगों की मौत हो गई थी।