लखनऊ: बासपा सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री कु. मायावती ने सोमवार को कहा है कि पार्टी संस्थापक कांशिराम उनकी भी मूर्ति को अपने समीप देखना चाहते थे।
उन्होंने दलितों के मसीहा डॉ.भीमराव अंबेडकर की 117 वीं जयंती पर यहां कहा कि कांशिराम ने अपनी वसीयत में कहा था कि मायावती ही उनकी सच्ची उत्तराधिकारी हैं।
उनकी भी मूर्ति कांशि के साथ लखनऊ और दिल्ली स्थित बहुजन प्रेरणा केंद्र में लगनी चाहिए। इन दोनों जगहों पर कांशि की अस्थियां रखीं गईं हैं।
माया ने अपने अनुयायियों से कहा कि उनकी मृत्यु के बाद उनकी भी अस्थियां यहीं रखी जाएं। माया ने कहा कि कांशि चाहते थे कि व्यक्ति के जिंदा रहते ही उसकी मूर्ति लगाई जानी चाहिए। इसीलिए उनकी लखनऊ और नई दिल्ली में उनकी मूर्ति लगाई गई है।