नई दिल्ली.केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों में क्रीमीलेयर को आरक्षण के दायरे से बाहर करने के मुद्दे पर पिछड़े वर्ग के सांसद लामबंद हो रहे हैं। विभिन्न दलों के ओबीसी सांसद इस मसले पर विचार के लिए २२ अप्रैल को दिल्ली में बैठक करेंगे।
पिछड़ा वर्ग सांसद फोरम के बैनर तले ये सांसद निजी व सरकारी अनुदान न लेने वाले संस्थानों में भी आरक्षण के लिए बिल लाने के वास्ते सरकार पर दबाव बनाएंगे।
फोरम के चेयरमैन व कांग्रेस सांसद हनुमंत राव ने केंद्र से बिल की मांग करने का इरादा जताते हुए यह भी कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्री अजरुन सिंह ने उन्हें इसका आश्वासन दिया है। पिछड़े वर्ग के कई सांसद चाहते हैं कि सरकार क्रीमीलेयर के मुद्दे पर अदालत जाए।
वे इस मसले को संसद में उठाने की तैयारी कर चुके हैं। राव के मुताबिक फोरम आरक्षण से जुड़े सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श करेगा।
आय सीमा में बदलाव की तैयारी
संसद में पिछड़े वर्ग के दो सौ से ज्यादा सांसद हैं। इनका रुख सरकार के लिए काफी मायने रखता है। सरकार स्पष्ट संकेत दे चुकी है कि वह क्रीमीलेयर की वर्तमान आय सीमा में बदलाव करने को तैयार है, लेकिन सहयोगी दलों के दबाव के चलते मामला यूपीए समन्वय समिति की बैठक में ही तय होगा।