जयपुर. नॉन ज्यूडिशियल स्टांप की बिक्री में फायदा देखते हुए डाक विभाग अब इसका विस्तार करना चाहता है। गत 25 मार्च को जिला कलेक्ट्रेट के डाकघर में यह सेवा शुरू करने के बाद दस दिन में ही अच्छा खासा राजस्व मिला है, जबकि लोगों को बिना कमीशन के स्टांप मिलने से काफी राहत मिली है।
अभी तक स्टांप विक्रेता 100 रु. के स्टांप पर पांच रु. के हिसाब से कमीशन लेते थे। रजिस्ट्री कराने वाले कम से कम 30-40 हजार से लेकर लाखों रु. के स्टांप खरीदते थे।
कलेक्ट्रेट में स्टांप खरीदने आए मोहनलाल यादव का कहना था कि पहले बड़ी राशि का स्टांप खरीदने में काफी ज्यादा कमीशन विक्रेता को देना पड़ जाता था, पर अब डाक विभाग ने स्टांप विक्रेताओं के एकाधिकार को तोड़ा है।
डाक सेवा निदेशक अंबेश उपमन्यु बताते हैं कि पहले जयपुर फिर दूसरे शहरों में भी स्टांप बिक्री की योजना है। जयपुर में उन स्थानों के नजदीकी डाकघरों में सेवा शुरू की जाएगी, जहां रजिस्ट्रियां होती हैं। उसके बाद ऐसे शहरों में बिक्री की जाएगी जहां सबसे ज्यादा रजिस्ट्रियां होती है। जयपुर के बाद अलवर, भिवाड़ी, कोटा, भीलवाड़ा, जोधपुर में रजिस्ट्रियों से सरकार को सबसे ज्यादा राजस्व मिलता है।