नई दिल्ली/चेन्नई.
क्यों गई थी प्रियंका : प्रियंका 19 मार्च को वेल्लोर में नवनिर्मित श्रीलक्ष्मीनारायणी स्वर्ण मंदिर में श्रद्धासुमन अर्पित करने गई थीं। राजकुमार ने जेल अधिकारियों से पूछा था कि क्या यह सच है कि प्रियंका जेल में नलिनी से मिली थी? अगर हां तो किस कानूनी प्रावधान के तहत और किसके साथ?
जेल अधिकारियों ने मंगलवार को पत्रकारों को कुछ भी बताने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि वे राजकुमार को ही जवाब देंगे।
नलिनी ने लिखे थे कई खत :
नलिनी के वकील दोरैस्वामी के अनुसार, फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलवाने के लिए नलिनी ने सोनिया गांधी को धन्यवाद पत्र भेजा था। उसने जनवरी में सोनिया की बीमारी के समय उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना के साथ टेलीग्राम भी भेजा था। नलिनी ने प्रियंका को सरल और प्यारी महिला बताया है।
एक घंटे की मुलाकात :
कड़ी सुरक्षा वाली वेल्लोर जेल में प्रियंका और नलिनी की मुलाकात करीब एक घंटे चली। नलिनी ने मिठाई बनाई थी, जो जेल अधिकारियों ने प्रियंका को नहीं खाने दी।
मुलाकात में क्या हुआ
टीवी चैनलों के अनुसार, प्रियंका और नलिनी ने एक घंटे की इस मुलाकात का ज्यादातर समय रोते हुए गुजारा।
प्रियंका के नलिनी से सवाल
>> तुमने मेरे पिता को क्यों मारा? >>मेरे पिता की हत्या की साजिश किसने रची थी?>> क्या इसमें लिट्टे के अलावा भी कोई शामिल था?
क्या कहा नलिनी ने
>> मैंने तुम्हारे पिता को नहीं मारा, लेकिन मैं घटनास्थल पर जरूर गई थी।>> मुझे इस साजिश का पता अंतिम समय में चला था।>> मुझे नहीं मालूमकि इस साजिश में कौन-कौन शामिल था।