भोपाल. राजधानी के विभिन्न बिजली दफ्तरों में रोजाना जमा होने वाले एक करोड़ रुपए भगवान भरोसे बैंक तक पहुंचते हैं। विद्युत वितरण कंपनी के कर्मचारी एक खुली गाड़ी में बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के यह रुपए बैंक तक ले जाते हैं। दफ्तर में भी इतनी बड़ी रकम की सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है।
शहर में रोजाना लूट की घटनाएं हो रही हैं। पिछले दिनों इंदौर में एक बैंक वाहन को बदमाशों ने लूट लिया। बिजलीकर्मियों के साथ भी ऐसी किसी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता। मंगलवार को जब दैनिक भास्कर संवाददाता ने इस व्यवस्था का मुआयना किया तो एहसास हुआ कि बिजली कंपनी प्रबंधन यहां जमा होने वाली राशि और अपने कर्मचारियों की सुरक्षा के प्रति लापरवाह है।
राजधानी में बिजली बिल के रूप में हर महीने औसतन चालीस करोड़ रुपए जमा होते हैं। इसमें से लगभग पंद्रह करोड़ रुपए के चेक अगर छोड़ दिए जाएं, तो लगभग 25 करोड़ रुपए नकद बिजली घरों में पहुंचता है। एक महीने में औसत 25 कार्य दिवस के हिसाब से रोजाना करीब एक करोड़ रुपए की नकद उगाही होती है।