जयपुर. खाद्य पदार्थो की बढ़ती कीमतों का असर शहर के होटल-रेस्त्रां पर भी पड़ने लगा है। कुछ जगहों पर तो कीमतों में 10 से 20 प्रतिशत तक इजाफा कर दिया गया है, तो कहीं मेन्यू बदलने की प्लानिंग चल रही है।
इस बारे में कुछ रेस्त्रां मालिक तर्क दे रहे हैं कि ‘खाद्य पदाथों की कीमतें बढ़ने के साथ ही कर्मचारियों के वेतन में भी तो इजाफा हो रहा है, ऐसे में दाम बढ़ाना लाजिमी है।’जबकि हकीकत यह है कि कीमतों में लगातार हेरफेर से कइयों का पसंदीदा रेस्त्रां में जाना कम हो गया है।
एमआई रोड स्थित नटराज रेस्टोरेंट के प्रोपराइटर बी.एल. गुप्ता का कहना है कि तेल, दाल, आटा के भावों में लगातार इजाफा हो रहा है। लगातार घाटा रहने से 20 प्रतिशत तक कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं रह गया है। गर्मियों में दूध और इससे बने उत्पादों के दाम भी बढ़ गए हैं।
कीमत से समझौता कर नुकसान थोड़े ही उठाएंगे
आटा, मैदा, सूजी, तेल और यहां तक कि सब्जियों के भावों में इजाफा हो गया है। ऐसे में कीमतों से समझौता करते हैं तो नुकसान उठाना पड़ता है और कीमतें बढ़ाते हैं तो ग्राहक प्रभावित होते हैं। फिर भी व्यापारी कब तक नुकसान उठाएगा, इसलिए 10 से 12 प्रतिशत कीमतें बढ़ाकर मैन्यू कार्ड बदला जाएगा।
—अनिल, प्रोपराइटर, पालकी
महंगाई का असर देख हमने पहले ही कीमतें बढ़ा ली थीं। कीमतों में बार-बार बढ़ोतरी करने को आखिर ग्राहक भी कहां तक सहन करेगा। वैसे भी महंगाई के अलावा अब साढ़े बारह प्रतिशत वैट लगने से ग्राहक की जेब हल्की हो रही है।
—भानु प्रताप, प्रोपराइटर, दि रॉकखाद्य पदार्थो की बढ़ी कीमतों के साथ ही रेस्त्रां को व्यवस्थित रखने वाली सुविधाओं पर भी खर्चा बढ़ गया है। इसलिए अप्रैल माह से कॉफी की कीमतें बढ़ाना मजबूरी बन गया था।
—मनोहर राठौड़, इंचार्ज, मि. बीन्स
जब पिजा, बर्गर की कीमतें बढ़ीं तो राजस्थानी खाना भी महंगा होना ही था। हमने राजस्थानी सहित पंजाबी थाली में 20 रुपए बढ़ाए हैं। —अनिल जैन, मैनेजर, आपणो राजस्थान