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सेंधवा में फूटा लावा!

सेंधवा (बड़वानी).i मंगलवार दोपहर बाद करीब तीन बजे सेंधवा (इंदौर से 155 किमी) से चार किलोमीटर दूर एबी रोड पर गोई नदी के करीब सत्यम स्पिनर्स के पास धमाके के साथ लावा निकल पड़ा। इससे जमीन में लगभग दो फीट चौड़ा छेद हो गया जो बाद में धीरे-धीरे घटता गया। लावा निकलना शाम करीब 4.50 बजे थमा।

अचानक हुई इस भू-गर्भीय हलचल से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद एसडीएम विष्णु कमलकर और थाना प्रभारी जौरसिंह भदौरिया फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस ने लावा निकलने के स्थान के चारों ओर रस्सी बांध दी ताकि लोग पास नहीं जाएं। इसके साथ ही फायर फाइटर भी तैनात कर दिया गया।

गोई निवासी रवि स्वामी व श्रवण शर्मा ने बताया पशु चराने वाले बच्चों ने उन्हें जमीन से धमाके के साथ आग निकलने की सूचना दी। इसके बाद पुलिस को खबर दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने पांच से 10 फीट तक लावे की आंच महसूस की। लावे के रूप में तेजी से हर 15 सेकंड में निकलने वाला पदार्थ तीन से चार फीट ऊंचाई पर निकल रहा था। यह सुर्ख था और तेजी से काला होकर जमता रहा।

सेंधवा निवासी सत्यम स्पिनर्स के मालिक हेमंत अग्रवाल ने बताया मजदूरों ने जमीन से आग के समान कुछ निकलते देखा और मुझे सूचना दी। ऐसी घटना पहली बार होने से लोगों में भय है। घटनास्थल पर पहुंचे बड़वानी निवासी धन्नालाल राठौड़, भाजयुमो जिलाध्यक्ष गजेंद्र पटेल ने कहा आवाज के बाद लावा निकला। छोटा ज्वालामुखी जैसा लगता है। ज्वालामुखी से आग, लावा निकलता है और वह जम जाता है, वैसा ही जमा हुआ है। मनोज राठौड़ पलसूद, संजय बर्डे, अनिल शर्मा ने भी लावा निकलते देखा।

छोटा ज्वालामुखी हो सकता है

जमीन से निकलने वाला पदार्थ लावे के सामान है और यह घटना छोटा ज्वालामुखी फटने के समान लगती है। फिर भी कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। इसकी सूचना कलेक्टर को दे दी है।

-विष्णु कमलकर, एसडीएम, सेंधवा

कलेक्टर एस.के. पाल से बात करना चाही तो उन्होंने दो बार मीटिंग में हूं, कहकर बात टाल दी। एसपी प्रवीण माथुर ने मोबाइल ही नहीं उठाया। एडिशनल एसपी बी.एस. बिरदे ने कहा एसडीओपी सेंधवा आर.के. मिश्रा इसका जवाब देंगे क्योंकि वे घटनास्थल पर गए हैं। आखिरकार एसडीओपी मिश्रा ने बताया घटना जांच का विषय है। तस्वीरें व सेंपल लेकर विशेषज्ञों के पास भेजे जा रहे हैं। हालांकि लावा निकलना बंद हो गया है। फायर फाइटर की व्यवस्था की गई है, कोई घटनास्थल पर छेड़छाड़ न करे इसलिए बल तैनात है।

मौके पर भूगर्भशाी भेजा जाएगा

संभागायुक्त बसंतप्रतापसिंह ने भास्कर को बताया कि पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। बिजली विभाग वालों ने बताया कि घटनास्थल के पास से हाईटेंशन लाइन गुजरती है। उन्हें जांच करने के लिए कहा गया है कि कहीं इसकी वजह से तो यह घटना नहीं हो रही है। इसके साथ ही हम एक भू-गर्भशास्त्री को भी मौके पर जांच के लिए भेजेंगे। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

जांच के बाद कारण स्पष्ट होगा

निमाड़ में ऐसा पहली बार हुआ है। ज्वालामुखी भी हो सकता है लेकिन स्पष्ट नहीं कह सकते। जांच के बाद कारण स्पष्ट हो पाएंगे। लावा निकलने के बाद जमा हुए पदार्थ का आकार कोनिकल (उल्टी बाल्टी के समान) होना चाहिए।

-डॉ. जर्नादन नेगी, भू-गर्भ वैज्ञानिक, भोपाल

जमीनी हकीकत

मालवा-निमाड़ शील्ड जोन में है। इस जोन में चट्टानें स्थिर और कठोर हैं।

ज्वालामुखी उन स्थानों पर आता है जहां के पत्थर नरम होते हैं और वे दबाव में पिघलकर गैसों के साथ लावा बनकर निकलते हैं।

ज्वालामुखी फूटने की प्रक्रिया में एक से पांच किमी के दायरे में भू-गर्भीय हलचल होती है और यह लंबे समय तक चलती रहती है जबकि सेंधवा में जमीन की ऊपरी सतह पर छोटा सा गड्ढा बना है और घंटेभर में ही बंद हो गया।

लोगों की भीड़ जमा हुई

धरती से लावा निकलने की खबर फैलने के बाद सेंधवा व दूर-दूर के गांवों के लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। शाम तक खासी भीड़ रही। अफसरों के फोन भी घनघाने लगे। कुछ अफसरों ने तो मोबाइल सुनना ही बंद कर दिया।

20 साल पहले भोपाल में भी ऐसा हुआ था

जिला प्रशासन के जियोलॉजी विभाग के प्रमुख हेमंत निगम ने कहा आसपास हाईटेंशन लाइन गुजरने से कई बार उच्च ताप से पत्थर भी पिघल जाते हैं और दबाव बनने पर ऐसी घटनाएं होती हैं। होलकर साइंस कॉलेज के जियोलॉजी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष अनिल खासकेडीकर ने बताया लगभग 20 साल पहले भोपाल में भी ऐसी घटना हुई थी।

उस समय भी ज्वालामुखी फूटने की बात कही गई थी लेकिन जांच में पाया गया कि वहां से हाईटेंशन लाइन गुजर रही थी। उनके मुताबिक मालवा के पठार की उत्पत्ति 65 करोड़ साल पहले ज्वालामुखी से ही हुई थी। उसके बाद से यहां ऐसी कोई भूगर्भीय घटना के कोई सबूत नहीं हैं।

प्रदेश सरकार के माइनिंग एवं जियोलॉजी विभाग के जनसंपर्क अधिकारी पुषेंद्र श्रीवास्तव ने कहा मुझे घटना की जानकारी नहीं मिली। भास्कर द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने कहा यदि संभागायुक्त या बड़वानी कलेक्टर की ओर से सूचना आती है तो हम दल भेज देंगे।





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