जयपुर. आने वाले 15 साल में सांगानेर हवाई अड्डे की क्षमता पूरी होने के मद्देनजर जेडीए ने टोंक रोड पर बायीं तरफ शिवदासपुरा के आसपास की 2200 हेक्टेयर जमीन में नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। जेडीए ने जयपुर के नए मास्टर प्लान में हवाईअड्डे के लिए इस क्षेत्र को उपयुक्त मानते हुए सरकार को फिर से प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर ली है।
अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स की बढ़ती संख्या के हिसाब से हवाई अड्डे पर दो रनवे होने जरूरी हैं, जबकि सांगानेर में सिर्फ एक ही रनवे है और दूसरा रनवे बनाने के लिए आसपास जमीन उपलब्ध नहीं है। इसी कारण से नए मास्टर प्लान में शिवदासपुरा, यारलीपुरा, बिहारीपुरा, झुझांरपुरा, गोपीरामपुरा और बरखेड़ा गांवों के आसपास के इलाके को नए एयरपोर्ट के लिए चिन्हित किया गया है।
गौरतलब है कि जेडीए ने तीन साल पहले भी इस क्षेत्र में हवाई अड्डे के लिए राज्य सरकार को 1194 हेक्टेयर जमीन अवाप्त करने के प्रस्ताव भिजवाए थे, पर वे मंजूर नहीं हुए। अब जेडीए ने पहले के प्रस्तावों के साथ 1000 हेक्टेयर जमीन और शामिल करते हुए नए प्रस्ताव बनाए हैं। साथ ही शिवदासपुरा के आसपास के गांवों में जमीन की 90-बी करने पर रोक लगा दी है ताकि प्रस्तावित क्षेत्र में कोई आवासीय योजना विकसित नहीं हो सके।
होगी भारी तोड़फोड़
नए हवाई अड्डे के लिए प्रस्तावित जमीन पर वर्तमान में छोटी-बड़ी दर्जनों आवासीय कॉलोनियां कट चुकी हैं। इनमें से कुछ योजनाओं की तो जेडीए पहले ही 90-बी कर चुका है, जबकि बिना अनुमोदन के अधिकतर कॉलोनियां काटकर भूखंड बेच दिए गए। वर्तमान में भी यहां कॉलोनियां काटने का काम जोर-शोर से चल रहा है। जेडीए आयुक्त डीबी गुप्ता ने बताया कि अवैध रूप से बसी कॉलोनियों पर जल्दी ही कार्रवाई की जाएगी।
मास्टर प्लान में और क्या-क्या
जयपुर के नए बन रहे मास्टर प्लान में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ-साथ शिवदासपुरा रेलवे स्टेशन का भी विस्तार प्रस्तावित किया है। जेडीए के आयोजना निदेशक शशांक महागांवकर का मानना है कि हवाई अड्डा और रेलवे स्टेशन आसपास होने जरूरी हैं। इसके साथ ही जयपुर के चारों ओर रेलवे के माल यार्ड भी बनाने प्रस्तावित हैं। इनमें कनकपुरा यार्ड का विस्तार किया जाएगा जबकि शिवदासपुरा, नींदड़ और खातीपुरा रेलवे स्टेशनों पर नए यार्ड बनाए जाएंगे। भविष्य में राजस्थान से निकलने वाले दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के मद्देनजर मास्टर प्लान में भू-उपयोग चिन्हित किए जा रहे हैं।
एयरपोर्ट के पिछले प्रस्तावों को मंजूरी क्यों नहीं
जेडीए की ओर से पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव जमीन को वर्गाकार में अवाप्त करने के संबंध में थे, जबकि हवाई अड्डे के रनवे के लिए लंबाई में ज्यादा और चौड़ाई में अपेक्षाकृत कम जमीन की जरूरत होती है। इसलिए सरकार ने उन प्रस्तावों को मंजूरी नहीं दी।