इंदौर. पांच साल का बच्च दो वर्ष से आहार नली सिकुड़ जाने के कारण मुंह के बजाय नली से खा-पी रहा था लेकिन पिछले महीने एमवाय अस्पताल में डॉक्टरों ने उसके पेट को सीधे गले की आहार नली से जोड़कर यह समस्या ही दूर कर दी।
शाजापुर के पांच वर्षीय शरद ने दो वर्ष पहले कास्टिक सोडा पी लिया था। इससे उसकी आहार नली इतनी सिकुड़ गई थी कि उसका उपयोग ही नहीं हो पा रहा था। उस वक्त एमवाय अस्पताल के डॉक्टरों ने उसके पेट में नली लगा दी थी। इसके बाद उसे नली से ही खान-पान कराया जा रहा था। 2 अप्रैल को शरद को उसके पिता कुंदन वर्मा फिर एमवाय अस्पताल लाए। डॉ. ब्रजेश लाहोटी, डॉ. सौरभ गर्गे, डॉ. जितेंद्र ग्रोवर, डॉ. आरिफ अहमद व डॉ. अंकुर बत्रा ने 5 अप्रैल को उसकी आहार नली काटकर करीब ढाई घंटे में पेट को गले की आहार नली से जोड़ दिया।
इससे उसका पेट कुछ सिकुड़ गया। डॉ. अहमद ने बताया जैसे-जैसे बच्च बड़ा होगा, उसका पेट सामान्य हो जाएगा। बच्च अब ठीक है और आराम से चल-फिर भी रहा है। हफ्तेभर में उसे छुट्टी भी मिल जाएगी। शरद ने कहा मुझे पहले नली पकड़कर चलना पड़ता था। इस कारण दोस्तों के साथ खेल भी नहीं पाता था। इससे काफी दु:ख था। अब यह समस्या नहीं रहेगी। शरद की मां ममता ने कहा डॉक्टरों ने हमारे बच्चे को नई जिंदगी दे दी। हम तो उसके भविष्य को लेकर ही चिंतित थे।