इंदौर. जिला जेल की शिक्षिका सविता श्रीवास्तव व ट्रैफिक वार्डन सुनीता स्वामी मंगलवार दोपहर झाबुआ टॉवर में व्यापारी सुरजीत पिता हरनामसिंह (32) के घर खुद को क्राइम ब्रांच की अधिकारी बताकर पहुंचीं और कहा तुम्हारा बच्च हमें दे दो। व्यापारी ने दोनों को बातों में उलझाकर ‘वी केयर फॉर यू’ को सूचना दे दी।
पुलिस ने तत्काल पहुंचकर दोनों को हिरासत में ले लिया। प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ कि दोनों ने भुसावल के व्यापारी के सास-ससुर से दो लाख रुपए में सौदा किया था कि वे बच्चे को पिता से छीनकर उन्हें दे देंगी।
सुरजीत दोपहर 1 बजे खाना खा रहे थे तभी दरवाजे पर जोर-जोर से दस्तक हुई। उनकी मां जितेंदर कौर ने दरवाजा खोला तो दोनों ने कहा हम क्राइम ब्रांच से आई हैं। पहले तो उन्होंने सुरजीत के चार वर्षीय पुत्र सबब उर्फ नवजोत के हालचाल पूछे फिर कहा हम उसे ले जाने आई हैं। इस बीच सुरजीत ने छावनी के कमर्शियल टॉवर की टायर शॉप में बैठे बड़े भाई दलबीर को सूचना दी।
उन्होंने वी केयर फॉर यू विंग में फोन किया। सुरजीत और उनकी मां ने दोनों को बातों में उलझाया तब तक वी केयर फॉर यू से जगदीश मालवीय, देवेंद्र पंवार, अनीता शर्मा व महेश साहू पहुंच गए। उन्होंने सविता पति आदित्य श्रीवास्तव निवासी जिला जेल क्वार्टर व सुनीता पति सुन्नू स्वामी निवासी कृषि विहार कॉलोनी को हिरासत में लिया और एसपी ऑफिस ले आए।
दुकान पर जाकर भी धमकी दी थी
सुरजीत ने बताया शनिवार को दोनों महिलाएं उनकी शॉप पर आईं और कहा हम क्राइम ब्रांच से हैं। इसके बाद वे सुरजीत से टायर के कोटेशन ले गईं। आधा घंटे बाद ही उन्होंने सुरजीत को फोन पर धमकी देते हुए कहा नवजोत को हमारे हवाले कर दो। सुरजीत ने इसकी शिकायत वी केयर फॉर यू प्रभारी मंजू यादव से की। श्रीमती यादव ने कॉल डिटेल निकाली तो पता चला फोन छावनी स्थित प्रिंसेस वॉच केबाहर रखे क्वाइन बॉक्स से किया गया था।
दो साल से लापता है नवजोत की मां
सुरजीत ने बताया उसकी शादी नरेंद्रसिंह गुजराल की बेटी रश्मीत से 2003 में हुई थी। 1 दिसंबर 2006 को दंपति रश्मीत के एक रिश्तेदार की शादी में शरीक होने के लिए रायपुर से भुसावल के लिए ट्रेन से निकले थे। शादी के हिसाब से रश्मीत ने करीब आठ लाख रुपए के गहने पहन रखे थे। अगली सुबह सुरजीत की नींद खुली तो पता चला रश्मीत गहने सहित गायब थी। उसने अन्य यात्रियों से पूछा तो पता चला रश्मीत बडनेरा स्टेशन पर उतर गई थी।
भुसावल पहुंचकर सुरजीत ने गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद मामले की जांच बडनेरा व रायपुर पुलिस ने की। जनवरी में सुरजीत को पता चला कि रश्मीत अपने प्रेमी कुंदन कटरे के साथ भागी थी। उसका आज तक पता नहीं चला। शादी के बाद से सुरजीत बूढ़े सास-ससुर को खर्च के लिए 10 हजार रुपए प्रतिमाह देता था जो उसने बाद में बंद कर दिए। तब से वे रुपए देने के लिए दबाव बना रहे थे।
मॉडल बेटी ने दी धमकी
सुरजीत के बड़े भाई दलवीर ने आरोप लगाया जब वे छोटी ग्वालटोली थाने में केस दर्ज करा रहे थे तभी सुनीता की बेटी पिंकी पहुंची और कहा ‘मैं शहर की नामी मॉडल हूं, अगर मेरी मां को कुछ हुआ तो तुम भी नहीं बचोगे।’ इसकी शिकायत दलवीर ने पुलिस से की।
केस दर्ज : एसपी अंशुमान यादव ने बताया दोनों महिलाओं के विरुद्ध क्राइम ब्रांच की अधिकारी बनकर धमकाने (धारा 170 व 507) का केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
खुद को बताया महिला कांग्रेस सचिव
सुनीता स्वामी ने बताया वह ट्रैफिक वार्डन है और 15 जनवरी 07 को उसे प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष शोभा ओझा ने शहर महिला कांग्रेस की सचिव नियुक्त किया था। इस संबंध में जब श्रीमती ओझा से बात की गई तो उन्होंने सुनीता को पहचानने से इंकार करते हुए कहा ऐसी कोई महिला कांग्रेस की पदाधिकारी नहीं है।
सविता और सुनीता को हम न तो जानते हैं, न ही उनसे कभी बात हुई। रुपए देकर नाती लेने की बात झूठ है। हमारी बेटी के जाने के बाद सुरजीत जबर्दस्ती बच्चे को ले गया था।
-रम्मी गुजराल, सुरजीत की सास, भुसावल से
हमें तो नवजोत की नानी रम्मी ने बेटी के गायब होने की कहानी बताकर कहा था कि देख लेना मेरा नाती ठीक-ठाक तो है। यही देखने के लिए मैं और सुनीता स्वामी सुरजीत के घर गए थे।
-सविता श्रीवास्तव, जेल शिक्षिका
‘दो लाख लो और बच्चा ले आओ’
वी केयर फॉर यू प्रभारी मंजू यादव ने बताया दोनों महिलाओं के पास से तलाशी में बहुत सी डायरियां तथा दो मोबाइल मिले। एक मोबाइल में भुसावल का नंबर था जिसकी पहचान सुरजीत ने की और बताया यह उसके ससुर नरेंद्रसिंह गुजराल का है। तब आरक्षक अनीता शर्मा में सविता बनकर भुसावल फोन लगाया तो उनकी बात नरेंद्रसिंह गुजराल की पत्नी रम्मी गुजराल से हुई।
उन्होंने कहा नवजोत मिल गया है अब हमे क्या मिलेगा। इस पर श्रीमती गुजराल ने कहा नवजोत को हम तक पहुंचा दो फिर जैसी बात पहले हुई थी उसी हिसाब से दो लाख रुपए के करीब आपको दे दिए जाएंगे। इसके बाद दोनों महिलाओं को कार्रवाई के लिए छोटी ग्वालटोली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।