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हंगामा और आगजनी

कोटा. stप्री-बीएसटीसी के फार्म लेने के लिए कई दिन से इंतजार कर रहे लगभग दो हजार छात्रों का मंगलवार को दो घंटे लंबे इंतजार के बाद भी फार्म नहीं मिलने पर धैर्य जवाब दे गया। आक्रोशित छात्रों ने रावतभाटा रोड स्थित डाइट कार्यालय में जमकर हंगामा मचाया। कुछ ने छात्रावास में तोड़फोड़ की। कुछ छात्रों ने हॉस्टल के एक कमरे में आग लगा दी।

आग में पुराना फर्नीचर, छात्रों की सत्रीय फाइलें व अन्य सामान जलकर नष्ट हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आक्रोषित छात्रों को काबू में किया। हंगामा थमने के बाद छात्रों को फार्म वितरण शुरू हो सका। करीब दो घंटे तक उन्होंने हंगामा बरपाया। देर रात अज्ञात छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

शहर में प्री-बीएसटीसी के आवेदन-पत्रों की पहले दिन से ही कमी चल रही है। लगातार कई दिन हंगामे के बाद डाइट प्रशासन ने मंगलवार से नए सिरे से फार्म वितरित करने का ऐलान किया था। सुबह नौ बजे से ही बड़ी तादाद में छात्र-छात्राएं कतार में लग गए, लेकिन फार्मो का वितरण शुरू नहीं हो सका।

छात्रों को बताया गया कि अजमेर से फार्म नहीं पहुंचे हैं। छात्रों की तादाद और समय पर आवेदन-पत्र नहीं पहुंचने से संभवत: डाइट प्रशासन पहले ही आशंकित था। उसने महावीर नगर थाने से पुलिस जाब्ता पहले ही बुलवाया लिया था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करीब साढ़े दस बजे एक गाड़ी में फार्म डाइट पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों को सूचित किया कि 12 बजे से फार्म दिए जाएंगे।

यह सुनते ही छात्र आक्रोशित हो गए और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। इसी बीच कुछ ने पत्थरबाजी की, जिससे डाइट छात्रावास की खिड़कियों के कांच टूट गए। शुरुआत में तो पुलिस ने छात्रों को समझा-बुझाकर शांत कर दिया। लेकिन, कुछ देर बाद ही 11.30 बजे से फिर हंगामा शुरू हो गया। छात्रों ने हॉस्टल के एक कमरे में आग लगा दी।

मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड को आग पर काबू पाने में 20-25 मिनट लग गए। तब तक कमरे का फर्नीचर, फाइलें व अन्य सामान जलकर राख हो गया। इसकी सूचना मिलने पर डीएसपी पवन जैन अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बमुश्किल छात्रों को शांत कराने के बाद फार्म वितरण शुरू कराया। प्रधानाचार्य की ओर से डाक से भिजवाई गई रिपोर्ट के आधार पर देर रात को महावीर नगर पुलिस ने अज्ञात छात्रों के खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा राजकार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कर लिया गया है।

अजमेर से आए पांच हजार फार्म की ओएमआर शीट, लिफाफे, आवेदन पत्र, निर्देशिका सब अलग-अलग प्राप्त हुए थे। सबको मिलाकर एक करने में समय लगा। इस कारण फार्म वितरण में देरी हुई। कुछ छात्रों ने डाइट छात्रावास में आग लगा दी।
—रणवीर सिंह, प्रधानाचार्य डाइट





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