अजमेर. जिला सलाहकार मंडल ने 9 में से 8 बंदियों की समय पूर्व रिहाई को अनुचित माना है। मंडल की सदस्य सचिव एवं जेल अधीक्षक प्रीता भार्गव ने गृहशासन विभाग के उप शासन सचिव को भेजी गई रिपोर्ट में मंडल के सदस्यों के फैसले से अवगत करा दिया है।
जिला सलाहकार मंडल की बैठक 31 मार्च, 2008 को संभागीय आयुक्त दीपक उप्रेती की अध्यक्षता में हुई थी। मंडल के समक्ष बंदियों की समय-पूर्व रिहाई के 11 प्रकरण आए थे। बैठक से पूर्व ही दो बंदी रिहा हो गए थे, लिहाजा मंडल ने 9 प्रकरणों पर विचार किया।
मंडल सदस्यों ने आवेदनों पर विचार करने के बाद एक प्रकरण को छोड़कर सभी आवेदनों को अनुचित माना। मंडल ने कुछ प्रकरणों में पुलिस अधीक्षक और समाज कल्याण विभाग की अनुशंसा को भी नहीं माना है।
एक ही खुशकिस्मत
बंदी का नाम- हनुमान
निवासी- काली डूंगरी, किशनगढ़, जिला अजमेर
सजा- दस साल
सजा भुगती- 9 वर्ष 9 माह 25 दिन
फैसला- जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक ने मंडल को बंदी की सशर्त समय से पूर्व रिहाई की अनुशंसा की थी, जिसको मंडल के सदस्यों ने उचित मानते हुए रिहाई की अनुशंसा की है।