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अब फुटपाथ के डिजाइन पर विवाद

अजमेर. गौरवपथ अजमेर का गौरव कब बढ़ाएगा, कहा नहीं जा सकता, फिलहाल तो इस पर से विवादों का साया हटता नजर नहीं आ रहा। जमीन अधिग्रहण के बाद अब सड़क की डिजाइन को लेकर दो सरकारी महकमे आपस में उलझ गए हैं।

वरिष्ठ नगर नियोजक हरनाम सिंह आजाद ने सड़क पर बनाई गई डिजाइन पर आपत्ति जताई है। उन्होंने यूआईटी सचिव पीसी किशन से निर्माण कार्य रोकने का आग्रह किया है। पांच करोड़ से अधिक की प्रस्तावित राशि के इस पथ पर बन रहे फुटपाथ के डिजाइन और उनका औचित्य आजाद को समझ नहीं आ रहा।

आजाद का पत्र
आजाद ने नगर सुधार न्यास सचिव को आपत्ति-पत्र लिखा है, जिसमें कहा है कि 4 अप्रैल को कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में कलेक्टर, वरिष्ठ नगर नियोजक और यातायात उप अधीक्षक के मौका निरीक्षण के बाद ही काम शुरू करने का फैसला हुआ था। कलेक्टर के आदेश के बावजूद निर्माण कार्य जारी है। जनहित में निर्माण कार्य तुरंत रोका जाए और मौका निरीक्षण के बाद ही शुरू किया जाए।

दुर्घटना बढ़ेगी
वरिष्ठ नगर नियोजक ने न्यास द्वारा बनाए जा रहे विभिन्न आकृतियों के पुटपाथ से यातायात दुर्घटना बढ़ने की आशंका व्यक्त की है। आजाद का मानना है कि झील की ओर बनाए जा रहे पुटपाथ पर रेलिंग लगाकर सुरक्षित नहीं किया जा सकता है। फुटपाथ बनने से अतिक्रमणों की वैसे ही भरमार हो जाएगी, जैसे कलेक्ट्रेट के बाहर बने फुटपाथ पर सब्जी विक्रताओं ने कब्जे कर रखे हैं।

सुझाव
उन्होंने सचिव को सुझाव दिया है कि सड़क के दोनों ओर वाल टू वाल कारपेटिंग कराई जाए। एक-दो स्थानों पर यात्री शेड बनवाए जा सकते हैं। पथ के बीच आने वाले दो मंदिर लोगों को विश्वास में लेकर दूसरी जगह स्थानांतरित किए जाएं।

विवादों का सिलसिला:
गौरवपथ की जमीन अधिग्रहण को लेकर काफी विवाद हो चुका है। न्यास के पूर्व अध्यक्ष धर्मेश जैन पर भी आरोप लगे थे। जमीन अधिग्रहण के फैसले के खिलाफ मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन है, लिहाजा अधिग्रहण की कार्यवाही रुक गई है।

जोधपुर में भी इसी तर्ज पर सड़क के दोनों ओर फुटपाथ बनाया गया है। जोधपुर की अपेक्षा अजमेर में सड़क चौड़ी है। अतिक्रमण की बात बेमानी है।
-टीसी डाबी, अधिशासी अभियंता, यूआइटी





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