अजमेर. रसद विभाग की लापरवाही के कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में अनधिकृत रूप से वाहनों में रसोई गैस के सिलेंडरों की रीफिलिंग का व्यापार धड़ल्ले से जारी है। तेल कंपनियों द्वारा कराए सर्वे में अनधिकृत पंपों की पहचान हुई है।
यहां चल रहा है गोरखधंधा
सर्वे में तैयार सूची के मुताबिक पुलिस लाइन क्षेत्र में संगीता ऑटोमोबाइल, वैशालीनगर में डीलक्स मोटर, एमपीएस की गली में अशोका ऑटो, रामनगर-फॉयसागर घाटी, पंचशील, नौसर घाटी, पुलिस लाइन में ही सैनी ऑटो, नाका मदार शॉपिंग सेंटर के पास, आदर्श नगर पुलिया के पास, नौ नंबर पेट्रोल पंप के पास खुले आम रसोई गैस के सिलेंडर से वाहन के ब्लैक सिलेंडर में गैस ट्रांसफर की जा रही है।
ऑटो एलपीजी से सस्ता होने के कारण वाहन चालक रसोई गैस खतरनाक होने के बावजूद इसका उपयोग कर रहे हैं। अनेक गैस माफियाओं ने घरों में ही अनधिकृत पंप लगा रखे हैं। परिवहन महकमे से गैसकिट फिटमेंट करने वाले डीलरों ने भी अनधिकृत अपने यहां पंप लगा रखे हैं।
500-550 रुपए में
रसोई गैस का एक सिलेंडर वाहन में 500-550 रुपए में भर जाता है, जबकि ऑटो एलपीजी 37 रुपए प्रति लीटर से अधिक रेट में बिक रही है। काफी महंगी पड़ने के कारण वाहन मालिक ऑटो एलपीजी पंपों पर नहीं पहुंचते।
चैकिंग में भी बच निकलते हैं
परिवहन महकमे की ओर से जब अभियान के दौरान वाहनों में लगे गैस किटफिटमेंट की जांच की जाती है, तो किट और सिलेंडर ब्लैक होते हैं, लेकिन अधिकृत सिलेंडर में गैस कौन सी भरी है इसका पता नहीं लग पाता। इसके चलते परिवहन निरीक्षकों की कार्रवाई से भी वाहन चालक बच कर निकल जाते हैं।
पिछले दिनों हुए प्रमुख हादसे
किशनगढ़ में एक वाहन जल कर राख हो गया था।
मरिटडल ब्रिज के पास एक वैन जली थी।
पुष्कर रोड पर एक वाहन जला था।
अनधिकृत रीफिलिंग सेंटर्स के खिलाफ कार्रवाई का जिम्मा जिला रसद अधिकारी महकमे का ही है। पुलिस और तीनों प्रमुख तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ मिल कर समय-समय पर कार्रवाई की जाती है, लेकिन मौका मिलते ही ये लोग फिर सक्रिय हो जाते हैं। आए दिन सड़कों पर वाहन जलने के हादसे हो रहे हैं। इन्हें देखते हुए पब्लिक को भी जागरूक होना चाहिए। जल्द ही फिर कार्रवाई शुरू करेंगे।
-बीएल सुनारिया, जिला रसद अधिकारी
बच्चे भी खतरनाक काम में
शास्त्रीनगर में एक घर में ही चल रहे अनधिकृत पंप पर 14 साल से कम उम्र के बच्चे वाहन में गैस रीफिलिंग करते नजर आए। पड़ौसियों का कहना है कि उन्हें हर समय खतरा बना रहता है। कभी कोई सिलेंडर फट गया, तो गैरकानूनी काम करने वाले लोगों की जान को खतरा होगा ही, दूसरों का भी नुकसान होगा।