बीकानेर.
शहर के अंदरूनी हिस्से में साफ-सफाई नहीं होने के कारण प्रशासनिक अधिकारियों को मुख्यमंत्री के कोप का भाजन बनना पड़ा। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सुबह शहरी क्षेत्र का दौरा किया। शहर में जगह-जगह कलेक्शन सेंटर पर गंदगी का साम्राज्य देख मुख्यमंत्री भड़क उठी।
भाजपा के कुछ नेता भी उनके साथ थे। उन्होंने मुख्यमंत्री से सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायत भी की। मुख्यमंत्री जिस गली में भी मुड़ी वहां गंदगी ही नजर आई। शहर में रामपुरियों की हवेलियों को देखकर मुख्यमंत्री ने जहां प्रसन्नता जाहिर की वहीं सफाई की व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की।
छावनी क्षेत्र के गेस्ट हाउस में पहुंचते ही उन्होंने नगर परिषद आयुक्त के.एम.दूड़िया को तलब कर दिया। सफाई व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने आयुक्त को बुरी तरफ फटकारा। आयुक्त को दो माह का अल्टीमेटम दिया गया है तथा शहर को पूरा साफ सुथरा करने के निर्देश दिए हैं। सफाई व्यवस्था सही नहीं होने पर सफाई निरीक्षक अनिल आचार्य तथा राजाराम भादू को एपीओ कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री गंगाशहर स्थित चांदमलजी के बाग भी गईं, जहां मिनी सूरसागर को देखा। उन्होंने जिला कलेक्टर व आरयूआईडीपी के निदेशक करणीसिंह राठौड़ को गंदे पानी की निकासी के लिए योजना बनाने के निर्देश दिए। इससे पूर्व मुख्यमंत्री रंगमंच, सूरसागर तालाब और रथखाना में निर्माणाधीन नाले पर भी गई। नाले को कवर्ड करने के लिए करीब एक करोड़ रुपए की व्यवस्था नगर विकास न्यास से करवाने पर भी चर्चा हुई। सूरसागर की सफाई का काम 30 जून तक पूरा करने को कहा।
मुख्यमंत्री रथखाना में बोरियां सिलने वालों से मिली। उन्होंने मकान के पट्टे बनवाने की मांग की। संसदीय कार्य मंत्री राजेन्द्रसिंह राठौड़, जिला कलेक्टर शिखर अग्रवाल भी उनके साथ थे। मुख्यमंत्री करीब नौ बजे छावनी क्षेत्र स्थित हैलीपेड से वापस हेलीकॉप्टर से रवाना हो गईं। डूंगर कॉलेज मैदान पर भीड़ अधिक होने के कारण हेलीकॉप्टर छावनी में मंगवा लिया गया, जबकि कॉलेज में भाजपा के कार्यकर्ता इंतजार ही करते रहे।
शहर को हैरीटेज लुक देने की इच्छा
मुख्यमंत्री वंसुधराराजे ने शहरी क्षेत्र को हैरीटेज लुक देने की इच्छा जाहिर की है। शहर के अंदरूनी क्षेत्र में रामपुरियों की हवेलियों को देखकर वे काफी रोमांचित हुई। पूर्व शहर अध्यक्ष गोपाल गहलोत सहित कई नेता उनके साथ थे।
भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि हवेलियों से झरोखों और दरवाजों को उतार कर राज्य से बाहर ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर को इस पर पाबंदी लगाने के निर्देश दिए तथा कहा कि लोग हवेली के अंदर किसी भी तरह का निर्माण करवा सकते हैं लेकिन उसके बाहरी आवरण और भव्यता के साथ छेड़छेड़ नहीं की जाए।