पांडिचेरीराजस्थान के भरतपुर में एक १३ साल की लड़की को बिक्री के लिए रखे जाने का मामला सामने आया है। सुली नाम की इस लड़की को खरीदने के लिए अभी तक सबसे ऊंची बोली २क् हजार रुपए लगी है।
सजा-धजा कर बैठाया है
यूरोप के एक अखबार ने यह सनसनीखेज खबर प्रकाशित की है। इसके अनुसार हाइवे पर इस लड़की को बेचे जाने की प्रक्रिया चल रही है। भरतपुर आगरा और जयपुर के बीच पड़ता है। यहां पर सुली को एक स्टूल पर सजा-धजा कर बैठाया गया है।
ब्राइट गुलाबी रंग की साड़ी और हैवी मेकअप किए सुली हाइवे पर आने-जाने वाले हर व्यक्ति का ध्यान अपनी ओर खींचती है। सुली बेड़िया जाति से संबंध रखती है। इस जाति की महिलाएं वेश्यावृत्ति से ताल्लुक रखती हैं। इनका एक रात का रेट १क्क् रुपए से लेकर ४क् हजार रुपए तक होता है। हालांकि यह रेट कुंवारेपन और खूबसूरती पर निर्भर करता है।
शायद यही किस्मत है:
एक तरफ तो सुली को बेचे जाने की प्रक्रिया चल रही है, दूसरी तरफ उसने इसे अपनी किस्मत मान लिया है। वह इसका विरोध भी नहीं कर सकती है, इसलिए चुपचाप सब कुछ सह रही है। सुली की तरह कई और लड़कियां भी हैं, जिन्हें बेचे जाने की प्रक्रिया चल रही है।
यहां पर बेड़िया जाति के ६क् परिवार रहते हैं। एक परिवार की पांच बेटियां हैं और वह अपनी सबसे छोटी बेटी नीता को बेचने की तैयारी में है। नीता के लिए उसके परिवार वालों ने ४क् हजार रुपए की मांग की है, उसके लिए अभी २५ हजार रुपए की बोली लग चुकी है।
विदेशी होते हैं खरीदार
इन मासूम बच्चियों के खरीदार ज्यादातर विदेशी होते हैं। आमतौर पर घूमने-फिरने आए पर्यटक इन बच्चियों को अपनी यौनाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए खरीद लेते हैं। इसके लिए वे बड़ी से बड़ी कीमत चुकाने से भी नहीं कतराते हैं।