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International International लंदन.
सेंसेक्स से सेक्स का रिश्ता पता चला है। एक अध्ययन के अनुसार शेयर मार्केट में कामयाबी के लिए सेक्स हारमोन टेस्ट्सटेरान जिम्मेदार होते हैं। यदि सुबह के समय इन हारमोंस का लेवल हाई रहता है तो दिन में मुनाफे के ज्यादा चांस रहते हैं। कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में हुए इस शोध के अनुसार टेस्ट्सटेरान हार्मोन के असर से आत्मविश्वास और रिश्क लेने की क्षमता ज्यादा हो जाती है।
फाइनेंशल ट्रेडिग में कामयाबी के लिए इन दोनों ही गुणों की जरूरत है। मार्केट में काम करने वाले लोग खासा तनाव व दबाव महसूस करते हैं। उनके द्वारा इन सबके बीच किए गए फैसले कई बार बिजनेस ही नहीं बल्कि पूरी मार्केट पर प्रभाव डालते हैं। शोध के अनुसार येफैसले भावात्मक और हार्मोन से जुड़े कारकों से प्रभावित हो सकते हैं। हार्मोन के कारक की
अनदेखी नहीं:
अध्ययन के अनुसार दबाव के बीच वित्तीयफैसले लेने से जुड़ी कोई भी थ्योरी हार्मोन के कारक की अनदेखी नहीं कर सकती। बिना अनुमान के लिया गया जोखिम खतरनाक हो सकता है। मार्केट के माहौल में कोई टेंडर जैसा काम करता है। इसमें भी उसके हार्मोन की अहम भूमिका होती है। शोधकर्ता प्रोफेसर हर्बट के अनुसार हार्मोन लेवल के मार्केट पर व्यापक प्रभावों की जांच की जा रही है।
चेतावनी भीइन नतीजों के साथ एक चेतावनी भी शोधकर्ताओं ने दी है कि टेस्ट्सटेरान हार्मोन का जरूरत से ज्यादा बढ़ा लेवल गैरजरूरी रिस्क लेने क लिए भी उकसा सकता है। हार्मोन को टेंडरों पर असर जांचने के लिए शोधकर्ताओं ने उनका दिन में दो बार सेलाइवा टेस्ट किया एक बार बिनेस से पहले और दूसरा दिनभर के काम के बाद सैंपलिंग लेने के टाइम टेंडरों से प्राफिट और लॉस का भी हिसाब रखा गया। इस डाटा के आधार पर एनालिसिस करके निष्कर्ष दिए गए।