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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. केंद्र के प्रवर्तन निदेशालय ने राज्य की पुलिस को एलर्ट किया है कि जाली नोटों के अंतरराष्ट्रीय सौदागर छत्तीसगढ़ में सक्रिय हैं। इस चेतावनी के बाद डीजीपी ने राज्य के सभी 18 जिलों के एसपी को इस मामले में खास एहतियात बरतने के निर्देश दे दिए हैं।
छत्तीसगढ़ देश के उन राज्यों में शुमार हो गया है, जहां जाली नोट चलाने के लिए विदेशी गिरोह सक्रिय हैं। केंद्र की खुफिया एजेंसियों ने यह सूचना भी दी है कि छत्तीसगढ़ तथा सीमावर्ती राज्यों में जाली नोट चलाने के लिए सीमा पार के गिरोहों ने स्थानीय लोगों की मदद ले रखी है। इससे पुलिस एलर्ट हो गई है। डीजीपी विश्वरंजन ने सभी एसपी रेलवे एसपी को भी निर्देश दिए हैं कि खास सतर्कता बरती जाए। इसके बाद रायपुर एसपी अमित कुमार ने क्राइम ब्रांच का अलग सेल बना दिया है।
डीजीपी के निर्देश पर स्पेशल सेल के अफसरों की ट्रेनिंग भी शुरू हो गई। उन्हें बताया जाएगा कि नकली नोटों की क्या पहचान है। ऐसे तमाम पाइंट्स पर पुलिस फिर जांच का एक्सरसाइज करेगी, जहां से नकली नोटों के फैलाव का अंदेशा है। बैंकों से सीधा संपर्क बनाया जा रहा है। रेल और हवाई अड्डों की सर्चिग होगी। रायपुर एसपी ने बताया कि अब तक जिले में किसी गिरोह की पुष्टि नहीं हुई है। चूंकि मामला सीमा पार के गिरोहों से जुड़ा है, इसलिए खास चौकसी रखी जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक देशभर में जाली नोटों के फैलते जाल को ध्वस्त करने पिछले दिनों नई दिल्ली में भी एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) तथा रिजर्व बैंक के अलावा कई प्रदेशों के नोडल अफसरों ने हिस्सा लिया। बैठक में अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा भारतीय नोटों के जाली संस्करण तैयार कर उनकी तस्करी करने पर गंभीर चिंता जताई गई। यह बात भी सामने आई कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल से नकली नोट यहां पहुंचाए जा रहे हैं।
बैंक अफसरों की बैठक
रायपुर पुलिस ने बैंकों के अफसरों की बैठक बुलाकर उन्हें हिदायत दी है कि कोई भी संदिग्ध नोट मिले तो तत्काल पुलिस के हवाले करें। गौरतलब है कि केंद्रीय सहकारी बैंक की समता कालोनी शाखा को मिले सौ-सौ के 33 नोट जांच में जाली पाए गए। 10 से 23 मई 2007 के बीच किसी ने ये नोट बैंक में जमा किए थे। बैंक प्रबंधन की शिकायत पर सरस्वतीनगर थाने में धारा 489 के तहत मामला दर्ज है।
सीमा पर जाली नोट छापने वाली प्रेस
हमारे जालंधर कार्यालय के अनुसार खुफिया एजेंसियों ने पता लगा लिया है कि पंजाब के दो सीमावर्ती गांवों कसूर और नारोवाल में आईएसआई ने जाली नोट छापने वाली प्रेस लगा ली हैं। इनमें उन कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो पाकिस्तान सरकार के करंसी छापेखाने में लंबे अरसे तक काम कर चुके हैं और इस काम में खासे माहिर हैं। आईएसआई ने ये प्रेस भारतीय अर्थव्यवस्था को निशाना बनाने के लिए लगाए हैं।
पंजाब में सीमा पार से आई खेप पकड़ी
हमारे अमृतसर कार्यालय के अनुसार सोमवार, 7 अप्रैल को पंजाब डीआरआई (डायरेक्टोरेट आफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) ने पाकिस्तान से आए 22 लाख रुपए के जाली नोट अमृतसर में पकड़ लिए। ये नोट सीमा पार के गांवों में छापे गए थे। उत्तरप्रदेश का कुख्यात जाली नोट तस्कर इन्हें सड़क मार्ग से ला रहा था। जब्त नोट 500-500 के हैं। इन्हें मध्य भारत में खपाने लाया जा रहा था।