नई दिल्ली.आर्थिक उदारीकरण ने बच्चों की खर्च करने की क्षमता भी बढ़ा दी है। एसोचैम के ताजा अध्ययन ‘ट्रेंड्स ऑफ पॉकेट मनी इन अर्बन एरिया’ के मुताबिक बच्चे दस साल पहले के मुकाबले छह गुना खर्च कर रहे हैं। अभिभावकों की आय में बढ़ोतरी होने के साथ ही स्कूली बच्चों को मिलने वाली पॉकेट मनी की राशि प्रति माह 300 रुपए से बढ़कर 1,800 रुपए हो गई है।
कहां करते हैं खर्च
अध्ययन के अनुसार सूचना क्षेत्र में तकनीकी क्रांति और खान-पान में बदलाव के कारण 10 से 17 साल की आयु वर्ग के बच्चों का खर्च करने का तरीका बदल गया है। बच्चों का कहना है था कि वे अपनी पॉकेट मनी का एक बड़ा हिस्सा फास्ट फूड, सॉफ्ट ड्रिंक्स, कपड़ों, गिफ्ट आइटम, मोबाइल रिचार्ज कूपन, चॉकलेट, कॉस्मैटिक्स, मैगजीन, कंप्यूटर गेम्स और फिल्मों पर खर्च करते हैं।
क्या हैं कारण अध्ययन में कहा गया है कि 15-17 साल के बच्चे औसतन 350 रुपए पॉकेटमनी प्राप्त करते हैं जबकि 12-15 आयुवर्ग वाले बच्चे पॉकेट मनी के रूप में औसतन 200 रुपए पाते हैं।