बीकानेर.
लूणकरणसर के यात्री अब पौन घंटे में अपनी यात्रा पूरी कर लेंगे, वहीं सूरतगढ़ जाने वाले यात्रियों को साढ़े तीन की बजाय ढाई घंटे की यात्रा करनी पड़ेगी वह भी ट्रेन में। रेलवे ने लालगढ़ से भटिंडा तक के रूट पर चलने वाली गाड़ियों को सौ की रफ्तार से चलाने की मंजूरी दे दी है।
बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद इस रूट के ट्रेक को बदलने का काम शीघ्र ही शुरू हो जाएगा। इस काम को अगले दो महीने में पूरा कर लिया जाएगा। जानकारी के अनुसार लालगढ़ रेलवे स्टेशन से भटिंडा स्टेशन तक चलने वाली पैसेंजर गाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने के लिए ट्रेक के कर्व के स्वरूप में बदलाव किया जाएगा। अब तक इस रूट पर 75 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से ही गाड़ियां का संचालन हो रहा था। सौ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से गाड़ियां का संचालन शुरू होने के बाद इस रूट के यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए एक से डेढ़ घंटे की यात्रा कम करनी पड़ेगी।
इस रूट पर इस समय कालका, बाड़मेर, जम्मूतवी, अवध-आसाम एक्सप्रेस सहित कई अन्य पैसेंजर गाड़ियों गुजरती है। इस रूट पर ट्रेक को सौ की रफ्तार लायक बनाने के बाद बीकानेर से सूरतगढ़ जाने वाले यात्री को साढ़े तीन की बजाय ढाई घंटे की यात्रा ही करनी पड़ेगी। लंबी दूरी के यात्रियों के लिए तो यात्रा अवधि कम हो जाएगी।
गाड़ियों की रफ्तार बढ़ने से धीरेरां, लूणकरणसर, महाजन, सूरतगढ़, पीलीबंगा, हनुमानगढ़, माणकासर, संगरिया, मंडी डबावाली और भटिंड़ा जाने वाले यात्रियों को फायदा मिलेगा।
बोर्ड ने इस काम के लिए अप्रूव्ल इसी महीने में दिया है। साथ ही यह भी कहा कि इस ट्रेक पर सौ की रफ्तार से गाड़ियां चलाने का काम दो महीने में पूरा कर लिया जाए। काम शीघ्र ही शुरू कर दिया जाएगा।
-पंकज जैन, डीआरएम, बीकानेर मंडल
बीकानेर-हावड़ा गाड़ी में नहीं बढ़ेगा कोच
गर्मी की छुट्टियों में बीकानेर से हावड़ा जाने वाली गाड़ी में भले ही यात्रियों की संख्या अधिक हो लेकिन इस बार कोच नहीं बढ़ेंगे। मेड़ता के बाद यह गाड़ी 24 कोच की हो जाती है और इस रूट पर इससे बड़ी गाड़ी नहीं चलती। बीकानेर से भले ही इस गाड़ी के सात डिब्बे ही जाते है लेकिन मेड़ता पर जोधपुर से आने वाली गाड़ी में 17 कोच होते हैं। रेलवे बोर्ड ने 24 कोच की सबसे बड़ी गाड़ी निर्धारित कर रखी है।
डीआरएम पंकज जैन बताते हैं कि मेड़ता के बाद तो बीकानेर मंडल को अपना लगेज ले जाने में भी परेशानी उठानी पड़ती है। वह भी जोधपुर से आने वाले लगेज कोच में शिफ्ट करना पड़ता है। जानकार लोगों का कहना है कि गाड़ियों में भीड़ अधिक होने पर अतिरिक्त गाड़ी या कोच की व्यवस्था की जाती है बीकानेर से लंबी दूरी की यात्रा करने वालों के लिए इस बार केवल बीकानेर-सिकंदाराबाद के लिए समर स्पेशल की घोषणा के अलावा किसी और रूट पर गीष्मकालीन अवकाश में स्पेशल ट्रेन नहीं चलाई गई है। ऐसी स्थिति में हर गाड़ी फुल चल रही है।