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आरपीईटी में इस बार 27 हजार सीटें

कोटा. राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय इस बार आरपीईटी की सीटों के आंकड़ों को बढ़ते देख तैयारी में जुट गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि जून तक विवि से 20-25 नए इंजीनियरिंग कॉलेज और जुड़ जाएंगे। लिहाजा, इस बार सीटों का आंकड़ा करीब 27000 तक पहुंच जाएगा।

पिछली मर्तबा दो काउंसलिंग और प्रवेश की खुली छूट देने के साथ 10+२ में कम से कम 40 प्रतिशत अंक पाने वालों को भी इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश दिया गया था। इसके बावजूद 21 हजार सीटों में से 1500 सीटें रिक्त रह गई थीं। फिलहाल, विवि चाह रहा है कि आरपीईटी-08 से पहले उसे सभी सीटों की जानकारी उपलब्ध हो जाए। इससे काउंसलिंग के दो राउंड में उन्हें ज्यादा से ज्यादा भर दिया जाए। इसके लिए विवि ने ओएसडी टेक्निकल एजुकेशन से राजस्थान में सीटों की जानकारी मांगी है।

ट्यूशन फीस वेवर स्कीम, बढ़ेंगी सीटें: एआईसीटीई ने पिछले साल से ट्यूशन फीस वेवर स्कीम लागू कर दी है। इस स्कीम के मुताबिक हर कॉलेज कुल सीटों में से अधिकतम 10 प्रतिशत छात्र-छात्राओं को बिना ट्यूशन फीस लिए पढ़ाएगा। इसकी एवज में उसे उतनी ही संख्या में दूसरे छात्र लेने की छूट होगी। पिछली बार इस स्कीम में कॉलेजों ने ज्यादा रुचि नहीं ली। इस विवि का मानना है कि शायद कॉलेज इस बार इस स्कीम को अपनाएं लेंगे और 1200 सिटों का और इजाफा हो जाए।

बिहार-दिल्ली ने दिया झटका: राजस्थान के इंजीनियरिंग कॉलेजों में मैनेजमेंट कोटे से प्रवेश लेने वाले ज्यादातर विद्यार्थी बिहार व दिल्ली के होते हैं।

इस वर्ष बिहार में 10 नए इंजीनियरिंग कॉलेज खोल दिए गए हैं। साथ ही दिल्ली में भी नए कॉलेज स्थापित हो गए हैं। ऐसे में विवि प्रशासन को इस बार सीटें भरने में और पसीने छूट सकते हैं।

इनका कहना है..
‘प्रदेश में विवि से संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या 80 से 85 तक पहुंच जाएगी। निश्चित तौर पर सीटों का आंकड़ा 27 हजार तक पहुंचेगा ही। इसे ध्यान में रखते हुए गाइड लाइन तैयार की जा रही है कि इन सीटों को कैसे भरा जाएगा।’
- डॉ. राजेश सिंघल, सह समन्वयक आरपीईटी-08

‘ओपन सीट में पिछली बार 12वीं में 40 प्रतिशत अंक पाने वालों को भी एडमिशन दिया गया था। काउंसलिंग के दौरान ही एआईसीटीई ने कुछ कॉलेजों को अप्रूवल दिया था। इस बार पहले से स्थिति पर ध्यान रखा जा रहा है। ओपन सीटों पर प्रवेश के मापदंड बनाए जाएंगे। कोशिश करेंगे कि सीटें खाली न रहें।’
- जीएस संधु, प्रमुख शासन सचिव तकनीकी शिक्षा

आंकड़ा कैसे
>> 21,000 सीटें आरपीईटी-07 में
>> 5000 सीटें नए कॉलेज से बढ़ेंगी
>> 1000 सीटें ट्यूशन फीस वेवर स्कीम से बढ़ेंगी
>> 5 प्रतिशत सीटें कश्मीरी विस्थापितों की होंगी





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