अजमेर. प्रदेश की विभिन्न जेलों बंद रहकर अंदर से ही वारदातों का संचालन करने वाले कुछ कुख्यात अपराधियों का नेटवर्क पुलिस ने भेद लिया है। जयपुर सहित प्रदेश की अन्य जेलों में मिले मोबाइल फोनों की जांच से इस जाल का खुलासा हुआ है। गृह विभाग के आला अफसरों के निर्देश पर चल रही पड़ताल से यह साफ हो गया कि जेलों में बंद सरगना अन्य जेलों में बंद अपराधियों के संपर्क में थे और अपने-अपने ‘धंधे’ बेखौफ और बेरोक-टोक चला रहे थे।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जयपुर, भरतपुर के जेल अधीक्षकों ने जेलों में बंद शातिर अपराधियों के कब्जे से कई मोबाइल फोन बरामद कर संबंधित जिला पुलिस अधीक्षकों को दिए हैं। मोबाइलों कॉल-डिटेल्स से उनके नेटवर्क से पर्दा उठा है। अब तक जो तथ्य सामने आए हैं उससे यह स्पष्ट हो गया है कि अजमेर, बूंदी, जयपुर, भरतपुर, झालावाड़, कोटा की जेलों में बंद कुख्यात अपराधी मोबाइल के जरिए लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे और धंधा कर रहे थे। इन बदमाशों में बूंदी बैंक डकैती के अपराधी, हरियाणा के बड़े बदमाश, कुछ सुपारी किलर और अपहरण के धंधे से जुड़े बदमाश शामिल हैं।
सब कुछ गुप्त
दरअसल कानूनी पेचीदगियों और अनावश्यक कागजी खानापूर्तियों से बचने के लिए जेल के उच्चधिकारियों ने गृह विभाग की मदद से एक नई योजना पर काम शुरू किया है। जेलों में बंद हार्डकोर क्रिमिनल्स के बैरकों में अचानक छापे मार कर मोबाइल फोन, सिम कार्ड आदि बरामद कर सीधे ही संबंधित एसी को सौंप गए हैं। इन मोबाइल्स को न तो किसी से बरामद करना बताया गया और न ही किसी को नामजद किया गया। गोपनीयता बनाए रखने के लिए जेल और पुलिस के अफसर मुंह नहीं खोल रहे।
नफीस पर शिकंजा
ब्लैकमेल कांड के मुख्य आरोपी अजमेर जेल में बंद नफीस चिश्ती के बैरक पर एक-एक दिन में तीन-तीन बार छापे मार कर मोबाइल फोन बरामद करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
कुछ सिम डेड
क्रिमिनल्स से विभिन्न जेलों में मिले कुछ सिम कार्ड डेड हो गए हैं। माना जा रहा है कि नेटवर्क का खुलासा होने की भनक उन्हें लग गई, जिससे उन्होंने उन नंबरों पर बात करना बंद कर दिया है।
जेलर पर हमले के आरोपी को जेल
सेंट्रल जेल में जेलर पर हमले के आरोपी सजायाफ्ता कैदी जयकिशन को पुलिस ने शुक्रवार को अदालत के आदेश से जेल भेज दिया। उसे गुरुवार को प्रोडक्शन वारंट के जरिए उदयपुर जेल से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार जेलर कर्मचंद मीणा पर हमला करनेके आरोपी कैदी भिनाय निवासी राजू गुर्जर, जयकिशन और अनुराग के खिलाफ चार अप्रैल को मुकदमा दर्ज किया गया था।
जयकिशन ने पूछताछ में वारदात से इनकार किया, अन्य आरोपी राजू और अनुराग को भी प्रोडक्शन वारंट के जरिए गिरफ्तार किया जाएगा। जयकिशन को अजमेर जेल लाया गया, जहां जेल प्रशासन ने उसे कुछ देर दफ्तर में रखने के बाद उदयपुर जेल के लिए रवाना कर दिया।