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Shekhawati Shekhawati खेतड़ी. दैनिक भास्कर द्वारा दरख्तों का दर्द सामने लाने के बाद प्रशासन को भी आखिरकार सुध आ गई है। जो अधिकारी पहले यह कहकर पल्ला झाड़ रहे थे कि उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है, वे अब ऊपरी आदेशों के बाद पेड़ बचाने के लिए मुस्तैद होने लगे हैं।
इस बारे में खबर छपने के बाद जिला कलेक्टर व एसडीएम दाताराम ने संबंधित अधिकारियों को मुस्तैदी से कार्रवाई के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने कृषि भूमि पर हो रही हरे पेड़ों की कटाई के संबंध में खेतड़ी तहसीलदार शिवकिशन सोनी व बुहाना तहसीलदार इंद्रसिंह जाट को पाबंद किया है।
एसडीएम ने बताया कि हरे पेड़ काटने वालों के खिलाफ एक टीम का भी गठन किया गया है। इसमें क्षेत्रीय वन अधिकारी, बुहाना थानाधिकारी हनुमानसिंह, सिंघाना थानाधिकारी विक्रमसिंह, खेतड़ी नगर थानाधिकारी आशाराम गुर्जर व खेतड़ी थानाधिकारी रणधीरसिंह को शामिल किया गया है। एसडीएम ने पेड़ काटकर कोयला बनाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। उन्होंेने अधिकारियों से कहा है कि क्षेत्र में हरे पेड़ों की कटाई किसी सूरत में नहीं हों।
टीमों की हकीकत
हरे पेड़ों की कटाई की रोकथाम के लिए वन विभाग व जिला प्रशासन कई बार टीमें गठित कर चुका है। टीमें एक बार कार्रवाई करने के बाद कछुआ चाल चलने लगती है। इस कारण इस अवैध कारोबार को रोकने में प्रशासन अभी तक सफल नहीं हो पाया। पिछले दिनों वन विभाग की एक टीम ने सिंघाना कस्बे में 11 आरा मशीनें सीज की थी लेकिन सभी आरा मशीनें न केवल चालू हो गई बल्कि हरे वृक्षों की कटाई भी नहीं रुकी। ऐसे में सवाल यह उठता है कि इस बार की टीम भी..।