नई दिल्ली.क्या आपको मालूम है कि भारत में तकरीबन 50 हजार लोगों की मातृभाषा अरबी है और मजे ही बात तो यह है कि इन अरबियों में से ज्यादातर बिहार में रहते है।
जी हां, 2001 की जनगणना रिपोर्ट के अनुसार, 2001 में भारत के 51,728 लोगों की मातृभाषा अरबी है और इनमें से 18000 बिहार में रहते हैं। दूसरे नंबर पर उत्रर प्रदेश आता है। यहां 8,500 अरबी रहते हैं। इस अरबियों में से ज्यादातर बताते है कि इनके पूर्वज अरब के हैं।
1991 की जनगणना रिपोर्ट में अरबियों की जनसंख्या 22,000 थी जोकि 2001 तक दोगुना से ज्यादा बढ़ गई। इतना ही नहीं भारत में सिर्फ अरबी ही नहीं यहां 12000 लोगों की मातृभाषा पर्शिया है। पर्शिया बोलनेवाले सबसे ज्यादा पश्चिम बंगाल में रहते है। उसके बाद झारखंड,महाराष्ट्र और बिहार का नंबर आता है।
जनसंख्या रिपोर्ट में तिब्बियों के बारे में भी चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। भारत नें 120000 से 200000 लाख तिब्बती हैं लेकिन सिर्फ 85 हजार तिब्बतियों की ही मातृभाषा तिब्बती है।
ऐसा माना जाता है कि सबसे ज्यादा तिब्बती धर्मशाला में रहते है लेकिन आश्चर्य की बात तो यह है कि कर्नाटका में धर्मशाला से डेढ़ गुना ज्यादा तिब्बती रहते हैं।