न्यूयॉर्क.
एक अध्ययन के मुताबिक माइग्रेन से पीड़ित व्यक्ति को सामान्य लोगों की तुलना में हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा ज्यादा होता है।
बोस्टन स्थित हारवर्ड मेडिकल स्कूल के शोधकर्ताओं ने पाया है कि सामान्य व्यक्ति की तुलना में महीने में एक बार माइग्रेन की पीड़ा झेलने वालों को हार्ट अटैक की डेढ़ गुना अधिक आशंका होती है। यदि माइग्रेन हर हफ्ते हो तो खतरा बढ़कर तीन गुना हो जाता है।
सिरदर्द से अलग : विश्व स्वास्थ्य संगठन ने माइग्रेन को सबसे अधिक कमजोर बनाने वाली शीर्ष 20 बीमारियों में शामिल किया है। यह तकलीफ सामान्य सिरदर्द से अलग है। रोशनी, तेज आवाज, शोर और गंध विशेष से अरुचि से लेकर सिरदर्द और उल्टियां होना, इसके लक्षण हैं।
खतरे का संकेत : शोध दल के अगुआ डॉक्टर टोबिआस कुर्थ ने कहा, ‘हमारा अध्ययन बताता है कि माइग्रेन हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है। खासकर इश्कैमिक स्ट्रोक का।’
ऐसे हुआ अध्ययन : इस अध्ययन में 45 वर्ष या अधिक उम्र की 27,798 महिलाओं को शामिल किया गया। अध्ययन के आरंभ में इनमें से 3,568 महिलाओं को माइग्रेन था, लेकिन हृदयरोग नहीं था। माइग्रेन वाली महिलाओं में से 65 फीसदी को एक माह से भी कम समय में, 30 फीसदी को हर माह और पांच फीसदी को हर हफ्ते माइग्रेन की शिकायत होती थी।
करीब 12 साल के अध्ययन में पाया गया कि हर हफ्ते माइग्रेन की शिकायत करने वाली महिलाओं को सामान्य महिलाओं से तीन गुना अधिक हृदयरोग की आशंका हो गई थी, लेकिन एक माह या इससे कम माइग्रेन की शिकायत करने वाली महिलाओं में सामान्य महिलाओं की तुलना में यह आशंका डेढ़ गुना अधिक थी।