जयपुर.
प्रदेश के कई इलाकों में रविवार को गर्म हवा के थपेड़े लगते रहे। दिन का तापमान कई क्षेत्रों में 40 डिग्री सेल्सियस के पार हो गया। जो प्रमुख बदलाव महसूस किया गया वो ये था कि जयपुर का तापमान चूरू के बराबर पहुंच गया। अक्सर भीषण गर्मी झेलने वाले जोधपुर से भी ज्यादा।
जयपुर में तापमान एक दिन में ही तापमान लगभग दो डिग्री बढ़कर रविवार को 40.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके साथ ही तीन सालों में 20 अप्रेल को इसने शहर के अधिकतम तापमान का रिकाॉर्ड भी बना लिया। चूरू में पारा 40.5 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार तापमान का बढ़ना जारी रहेगा और इसलिए गर्म हवा के थपेड़ों के लिए शहर तैयार हो जाए। उधर, डॉक्टरों के अनुसार इस तापमान में बेक्टिरिया के आसानी से ग्रोथ करने से बीमारियों की आशंका बनी रहेगी।
सड़कें सूनी
एक तो रविवार और दूसरे सुबह से ही सूरज के तीखे तेवर के कारण शहर की सड़कें सूनी रही। भरी दुपहरी पर तो हालात यह थे कि बच्चे तो बच्चे बड़े भी धूप से बचने का जुगाड़ करते नजर आए। इस बीच मुख्य बाजारों के रास्तों में जूस-ठंडे की दुकानों पर भीड़ नजर आई। शाम को धूप में कमी होने के बाद ही शहर के पर्यटक स्थल, पार्क आदि आबाद होते दिखे।
बीमारियां बढ़ेंगी
तापमान के इस कदर बढ़ने से डॉक्टरों ने मौसमी बीमारियों से बचने के संकेत दिए हैं। डॉ. ईश मुंजाल के अनुसार 37 डिग्री से 42 डिग्री का तापमान बेक्टिरिया ग्रोथ के अनुकूल रहता है। इससे खासकर बच्चों में डायरिया, टायफाइड, हैजा, हीट स्ट्रोक, डिहाईड्रेशन आदि का खतरा बना रहता है। इससे बचने के लिए बराबर पानी पीते रहें, सिर को ढककर बाहर निकले, शीतल पेय पदार्थो को वरीयता देने सहित बाहल खुली चीजों को खाने से बचें।
अन्य क्षेत्रों में भी गर्मी भड़की
प्रदेश के उदयपुर, अजमेर, बीकानेर जिलों में तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से अधिक होने के कारण लोग गर्मी से परेशान रहे। बीकानेर में दोपहर बाद हवाएं गर्म हो गई तथा तीन बजे तक लू चलने लगी। झुंझुनूं में भी झुलसाने वाली गर्मी रही। अजमेर में सुबह मौसम में ठंडक थी, लेकिन दोपहर तक तेज गर्मी शुरू हो गई। जो शाम तक रही।
सूरज में चल रही है अजीब उथल-पुथल
उज्जैन. खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार सौरमंडल के मुखिया सूर्य में इस साल अजीब सी उथल-पुथल चल रही है। इसका प्रभाव पृथ्वी के मौसम पर पड़ने वाला है। परिणाम स्वरूप गर्मी ज्यादा पड़ेगी। सूर्य की सतह से उठने वाली सामान्य सौर लपटें इन दिनों बहुत तेजी से उठ रही हैं।
इससे अप्रैल के अंतिम सप्ताह में तेज गर्मी के साथ आंधी-तूफान भी चलने की संभावना है। मई के प्रथम सप्ताह के दौरान ही गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है। उत्तरी गोलार्ध के कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तक जा सकता है। इससे पहले 1980 के दशक में भी तेज गर्मी का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। इस दौरान तापमान 50 डिग्री को भी पार कर गया था।