इंदौर. राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) ने कम रिजल्ट दे रहे प्रदेश के ६८ प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉॅलेजों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इसमें इंदौर के १२ इंजीनियरिंग कॉलेज भी शामिल हैं। अब इन कॉलेजों को प्रवेश के समय जो ६0 सीट मिलती हैं वही रहेंगी।
इससे ज्यादा नहीं बढ़ाने दी जाएंगी और न नए कोर्स खोलने की अनुमति मिलेगी। यूनिवर्सिटी ने ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) को भी इन कॉलेजों की सूची भेज दी है। यह भी स्पष्ट तौर पर लिख दिया गया है की जिन ६८ कॉलेजों की सूची भेजी गई है उनके पास न कोई संसाधन है न शिक्षक इसलिए इन्हें नए कोर्स शुरू करने की अनुमति न दी जाए।
आरजीपीवी के रजिस्ट्रार डॉ. अशोककुमार सिंह भदौरिया ने बताया खराब रिजल्ट दे रहे कॉलेजों पर यूनिवर्सिटी कड़ी कार्रवाई कर रही है। यूनिवर्सिटी ने प्रदेश के सभी १२४ प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों को २३ अप्रैल को भोपाल में संस्थान की संपूर्ण जानकारी के साथ तलब किया है। इंदौर के ये कॉलेज हैं सजा के दायरे में
सेंट्रल इंडिया इंस्ट्टियूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी
रॉयल कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी
आरकेडीएफ स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग
विक्रांत इंस्ट्टियूट ऑफ टेक्नोलॉजी
ओरिएंटल इंस्ट्टियूट ऑफ टेक्नोलॉजी
मथुरादेवी इंस्ट्टियूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी
महात्मा गांधी इंस्ट्टियूट
बीएम कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी
ट्रूबा इंस्ट्टियूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी
लार्ड कृष्णा कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी
वैंक्टेश्वर इंस्ट्टियूट ऑफ टेक्नोलॉजी
स्टार एकेडमी