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कलैक्शन आइटम बन जाएंगे कागजी टिकट!

मुंबई हवाई उड़ानों के कागजी टिकट जल्द ही कलैक्शन आइटम बन जाएंगे। ऐसा तब होगा जब स्विट्जरलैंड स्थित जेनेवा स्थित इंटरनैशनल एअर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन यानी आईएटीए 31 मई को कागज पर छपा आखिरी टिकट जारी करेगी। इसके बाद दुनिया में जून से कागज रहित ई-टिकट प्रणाली पूरी तरह लागू हो जाएगी।

वर्ष 1926 से छप रही हैं टिकटें

फिलहाल, दुनियाभर में 240 से अधिक एअरलाइन कैरिअर आईएटीए के सदस्य हैं। इनमें भारत की एअर इंडिया और जैट एअरवेज कंपनियां भी शामिल हैं। आईएटीए अपनी सदस्य एअरलाइनों को वर्ष 1926 से कागज पर छपी टिकटें सप्लाई कर रही है। आईएटीए के महानिदेशक एवं सीईओ जिओवानी बिसाइनानी ने बताया, ‘जून 2004 में ई-टिकट प्रणाली 16 फीसदी लागू हुई थी, जो गत वर्ष दिसंबर तक बढ़कर 84 फीसदी हो गई। आईएटीए सदस्यों की ओर से जारी 40 करोड़ हवाई टिकटों में से केवल 6.4 करोड़ टिकट कागज पर छपे हैं। हम इस संख्या को भी खत्म कर कागज-रहित टिकट प्रणाली पूरी तरह लागू करने करने जा रहे हैं।’

कई एयरलाइनों में पहले से ही

भारत के उड्डयन सलाहकार एच.पी. मामा के अनुसार, ‘किंगफिशर, गो एअर, डेक्कन व जैटलाइट में केवल ई-टिकट प्रणाली है। आईएटीए से जुड़ी एअर इंडिया और जैट एअरवेज ने कागजी टिकटों के इस्तेमाल को प्राथमिकता दी है। अब इन्हें भी ई-टिकट प्रणाली अपनानी होगी।’

कागजी टिकट हो..

कागजी टिकट में जानकारियां : भाड़ा, शुल्क, टैक्स, यात्री उड़ान के बारे में कूटबद्ध सूचना, नॉन रेफ/पीएफएक्स : क्या टिकट वापसी योग्य है, भाड़ा श्रेणी (जैसे- वाई, बी, एम, एच, ओ, के)

ई- टिकट में जानकारियां

ई- टिकट में इन सब जानकारियों का अभाव रहेगा। ये तमाम सूचनाएं एअरलाइन की रिजर्वेशन प्रणाली में रहेंगी। ई-टिकट में केवल मूल भाड़ा, उड़ान भरने/पहुंचने की तिथि, समय, उड़ान संख्या, उड़ान श्रेणी, एअरलाइन और सीट क्रमांक रहेंगे।





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