बर्लिन. भोजन पर कड़ा नियंत्रण और नियमित व्यायाम किशोरों में एनोरेक्सिया का पहला लक्षण हो सकता है।
यह कहना है बर्लिन स्थित ‘जर्मन सोसायटी फार चाइल्ड एंड एडोल्सेंट साइकैट्री’ के अध्यक्ष जोहांस हेबेब्रांड का।
गौरतलब है कि एनोरेक्सिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें मरीज वजन बढ़ने के डर से भोजन करना कम कर देता है।
जोहांस ने कहा कि जिन किशोरों को एनोरेक्सिया की बीमारी होती है वे कुछ सप्ताह के भीतर ही अपने शरीर के वजन को 25 फीसदी तक कम कर लेते हैं। कई बार देखा गया है कि बहुत ज्यादा वजन कम करने से पांच फीसदी किशोरों की मौत भी हो जाती है।
उन्होंने कहा कि इस बीमारी में किशोर सबसे पहले मक्खन और मिठाई जसे कैलोरी युक्त खाद्य पदार्थो को खाने से परहेज करते हैं।
अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने बच्चों के खान-पान को ध्यान दें और एनोरेक्सिया जसे लक्षण दिखने पर उन्हें तुरंत मनोचिकित्सक से दिखाएं।