HomeNewsMetrosBhopal Bhopal

अंतत: तैयार हो गए फीस कमेटी के लिए नियम

भोपाल. निजी मेडिकल कालेजों की फीस को लेकर चल रहे आंदोलनों के बाद अब जाकर सरकार ने फीस कमेटी के लिए नियम बना दिए हैं। इसी हफ्ते इन्हें जारी कर दिया जाएगा। नियमों के अभाव में कमेटी अध्यादेश के प्रावधानों को ध्यान में रखकर काम कर रही थी। निजी व्यवसायिक शिक्षण संस्थानों की प्रवेश एवं शुल्क विनियामक कमेटी के नियम बनाने के मामले में सरकार की लेट लतीफी का आलम यह रहा कि दस माह बीतने पर विभाग द्वारा नियम तैयार न करने की शिकायत कमेटी अध्यक्ष को मुख्यमंत्री से करनी पड़ी।

तब जाकर उच्च शिक्षा विभाग ने नियम तैयार हो जाने की सूचना दी। गौरतलब है कि अध्यादेश के अनुसार सरकार ने कमेटी का गठन तो कर दिया था, पर कमेटी के अधिकारों और प्रक्रियाओं के बारे में कोई नियम नहीं बनाए थे। यही वजह थी कि कमेटी द्वारा तय की गई फीस को मेडिकल कालेज संचालकों ने चुनौती दे दी थी।

कमेटी के अध्यक्ष पीएल चतुर्वेदी ने एक दिन पहले मुख्यमंत्री से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा नियम जारी न करने की चर्चा की थी। सोमवार को उच्च शिक्षा विभाग ने कमेटी को जानकारी दी कि नियम तैयार कर प्रकाशन के लिए भेजे गए हैं। उल्लेखनीय है कि गठन के एक महीने बाद ही कमेटी ने नियमों का प्रारूप तैयार कर भिजवा दिया था, लेकिन उच्च शिक्षा विभाग ने करीब आठ महीने से सुध नहीं ली।

अधिकारों का पता नहीं

बताया जा रहा है कि हाल ही में आरडी गार्डी कालेज द्वारा फीस के मामले में कमेटी पर नियम विहीन होने का आरोप लगाए जाने को कमेटी अध्यक्ष ने कमेटी के औचित्य का सवाल बना लिया था। कमेटी कार्यालय के अनुसार इतने पर भी उच्च शिक्षा विभाग ने अभी तक कमेटी को नियम तैयार होने की आधिकारिक सूचना नहीं दी है, न ही कमेटी को यह बताया गया है नियमों के मुताबिक कमेटी के पास प्रवेश एवं फीस संबंधी क्या अधिकार हैं।

24 को सुनवाई

उक्त कालेज की फीस के मामले में अपील कमेटी द्वारा 24 अप्रैल को सुनवाई रखी गई है। कालेज ने कमेटी द्वारा नियम न होने पर भी फीस तय न होने पर आपत्ति उठाई थी।

प्रक्रिया बनाएगी कमेटी

अगर कमेटी द्वारा तैयार किए गए प्रारूप में उच्च शिक्षा विभाग ने ज्यादा बदलाव नहीं किया है तो निजी कालजों की प्रवेश प्रक्रिया तैयार करने का काम पूरी तरह से कमेटी के अधिकार क्षेत्र में होगा।

अधिनियम के जानकारों का मानना है कि अधिनियम के खंड एक में दिए गए प्रावधानों के अनुसार प्रवेश संबंधी अधिकार होने पर ही कमेटी का वास्तविक अस्तित्व माना जाएगा। अन्यथा कमेटी एक औपचारिकता होकर रह जाएगी।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: