जयपुर.
आखिरकार आमेर स्थित केसर क्यारी में सोमवार को बहुप्रतीक्षित लाइट एंड साउंड प्रोग्राम ट्रायल के तौर पर शुरू हुआ। करीब 50 मिनट के शो के लिए जैसे ही चमचमाती लाइट महल के एक छोर से दूसरे छोर पर जगमगाने लगी, उसी तर्ज पर साउंड की आवाज से आमेर घाटी गूंज उठी। इस नजारे को देखन-सुनने के लिए आसपास लोग उमड़ पड़े।
शो में कछवाहा वंश से लेकर राजधानी बने आमेर और इस रियासत के मुगलों से संपर्क होने तक का दिल्ली का इतिहास भी अछूता नहीं रहा। हालांकि इस बीच आमेर महल कहीं गुम-सा नजर आया, वहीं अब तक प्रचारित किए जा रहे बॉलीवुड शहंशाह अमिताभ बच्चन की आवाज की कमी खली। शो में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पर्यटन मंत्री उषा पूनिया, कला एवं संस्कृति सचिव सलाउद्दीन अहमद सहित कई लोग मौजूद थे।
स्क्रिप्ट में होगी काट-छांट
शो शुरू करने के लिए इतिहास के पन्नों से गुलजार की लिखी स्क्रिप्ट में बदलाव संभव है। शो को फिलहाल हिंदी भाषा में शुरू किया गया है, लेकिन विदेशी पावणों को सुनाने के लिए इसके कम से कम दो शो रखे जाएंगे। इस लिहाज से समयावधि को देखते हुए इसमें काट-छांट संभव है।
गुम रहा आमेर
शो में वे ही बातें बताई गईं, जो अब तक किताबों में पढ़ते आए हैं। आमेर राजाओं के मुगलों से संबंध, सवाई जयसिंह का जयपुर विजन आदि। अगर कुछ नयापन था तो वह कछवाहा वंश के बहादुर सेनापति पज्जुन राय की चित्तौड़ के राजा पृथ्वीराज चौहान से दोस्ती और उसकी बहादुरी के किस्से थे। ज्यादा अच्छा होता, आमेर महल से जुड़े दिलचस्प किस्से-कहानियों, जयगढ़-नाहरगढ़ की दिलचस्प बातों को बताया जाता, जिससे पर्यटक इनसे जुड़ाव महसूस करते।
बदलेगा पर्यटन परिदृश्य
लाइट एंड साउंड शो को फिलहाल तीन दिन ग्रेट इंडियन ट्रेवल बाजार के लिए शुरू किया गया है। लेकिन जैसे ही इसे व्यावसायिक रूप से शुरू किया जाएगा, तब शहर में पहली बार ‘रात्रि पर्यटन’ व्यवसाय विकसित होगा। जानकारों के अनुसार भले ही देश में अन्यत्र लाइट एंड साउंड शो शुरू हो चुके हों, लेकिन चारों ओर पहाड़ियों से घिरे और केसर क्यारी में व्यवस्थित बनाई गई जगह से इसे देखना यादगार पल होगा। अगर मावठा भरता है तो इस शो में और चार चांद लग जाएंगे।