इंदौर. जिले में 1754 शासकीय स्कूलों का रिजल्ट तैयार हो गया है लेकिन जांच केंद्रों पर अभी तक मार्कशीट ही नहीं पहुंची है। शिक्षकों का कहना है रिजल्ट 22 अप्रैल तक जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपना था, अब मार्कशीट ही नहीं आई तो हम क्या करें।
इस साल बोर्ड परीक्षाओं के पेपर छपवाने और सामग्री वितरित करने में ही विभाग को पसीने आ गए। जैसे-तैसे परीक्षा खत्म हुई तो रिजल्ट बनाने में परेशानी खड़ी हुई। 5वीं और 8वीं कक्षाओं की मार्कशीट 22 अप्रैल तक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को सौंपने हैं और रिजल्ट 30 अप्रैल तक घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है।
हाथ से तैयार करनी होगी मार्कशीट : इस साल विभाग मार्कशीट का प्रारूप छपवाकर भेजेगा जिसमें छात्रों के नाम और नंबर हाथ से भरने होंगे। पिछले साल मार्कशीट पूरी तरह कम्प्यूटर से तैयार की गई थी।
देर से मिली मार्कशीट
विकासखंड स्रोत समन्वयक रविंद्र रघुवंशी व विकासखंड शिक्षा अधिकारी आर.जी. नरोलिया का कहना है कि मार्कशीट छपकर हमारे पास अब पहुंची है। इसे जल्दी ही बांटा जाएगा।
पत्रकों के लिए भी लगाने पड़े चक्कर
रिजल्ट लिखने के लिए मिलने वाली शीट (पत्रक) लेने के लिए भी शिक्षक विभाग के चक्कर काटते रहे। शुक्रवार-शनिवार को पत्रक मिले तब जाकर रिजल्ट एकजाई हो पाया। जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि 30 अप्रैल तक रिजल्ट संबंधी आवश्यक कार्य पूरा कर लिया जाएगा।