इंदौर.
मैकेनिकनगर में सोमवार दोपहर यात्री बस में साइलेंसर वेल्डिंग के दौरान गैस की टंकी फट गई। इससे लगी आग में वेल्डर पिता-पुत्र जल गए। एक-एक कर पांच धमाके हुए और पूरी बस जल उठी। इसने पास के मकान और तीन वाहनों को भी चपेट में ले लिया। रहवासियों ने तत्परता से पानी डाला और इसे मकानों की ओर नहीं फैलने दिया। फायर ब्रिगेड को भी काबू करने में एक घंटा लगा।
नईम स्टार रिपेयर, मैकेनिकनगर के सामने दोपहर पौने तीन बजे हंस ट्रेवल्स की बस (एमपी 33-पी-149) में वेल्डिंग चल रही थी। इसके लिए दुकान मालिक कल्लू भाई टंकीवाला और पुत्र नईम बस के नीचे घुसे थे। इसी दौरान वेल्डिंग गैस सिलेंडर में विस्फोट हुआ। धमाका इतना जोरदार था कि पास लगे प्रकाशचंद्र सेठीनगर के लोग घरों से निकल आए। कोई कुछ समझ पाता तब तक बस में आग लग गई।
प्रत्यक्षदर्शी ओमप्रकाश तथा पप्पू ठाकुर ने बताया आग से बस का डीजल टैंक भी फट गया। फिर एक-एक कर चार धमाके और हुए। बस चारों ओर से जलने लगी। आग इतनी भीषण थी कि नीचे फंसे कल्लू और नईम को बचाने की हिम्मत भी किसी ने नहीं की। दोनों जैसे-तैसे खुद ही बाहर निकले तो लोगों ने पानी डालकर उनके कपड़ों में लगी आग बुझाई।
तीन वाहन और जले
आग फैली तो बस के पास खड़ी दो जीप और एक कायनेटिक होंडा भी चपेट में आ गई। बस से कुछ फीट दूर स्थित मकानों व एक पेड़ तक भी लपटें पहुंचीं। लोगों ने बोरिंग चालू कर घरों की आग बुझाई। कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड के प्रधान आरक्षक रिपुदमनसिंह, चालक प्रतापसिंह, आरक्षक लीलाधर, ओंकार व दिलीप पहुंचे। उन्होंने तीन टैंकर पानी व 40 लीटर फोम डालकर एक घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई। घायल पिता-पुत्र को अरबिंदो हॉस्पिटल भेजा गया।
हवा के रुख से टला हादसा
रहवासी ओमप्रकाश ने बताया बस में लगी आग की लपटें कई फीट ऊंची थी। हवा का रुख प्रकाशचंद्र सेठीनगर से विपरीत था इसलिए मकान बच गए। रहवासी क्षेत्र होने के बाद भी यहां बड़े पैमाने पर ऐसे काम हो रहे हैं। प्रशासन ने इसे लेकर जल्दी कदम नहीं उठाए तो लोग आंदोलन करेंगे।