News
Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. राज्य सरकार की सस्ता चावल योजना के प्रचार-प्रसार में स्कूली बच्चों को झोंकने की योजना फेल हो गई। दानी गल्र्स स्कूल में आयोजित निबंध, पेंटिंग और भाषण प्रतियोगितों में पूरे जिले से केवल 7 बच्चे ही पहुंचे। चार बच्चों ने निबंध प्रतियोगिता में भाग लिया। तीन बच्चों ने पेंटिंग बनाई। बच्चों की उपस्थिति से शिक्षा विभाग के अफसर हताश हो गए। किसी तरह प्रतियोगिता की औपचारिकता निभाई गई।
पुरस्कार बांटने के लिए किसी जनप्रतिनिधि को बुलाए बगैर बच्चों को रवाना कर दिाय गया। हालांकि रायपुर जिले की जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) शैल शांडिल्य ने प्रतियोगिता को लेकर खासी तैयारी की थी। दानी स्कूल के प्राचार्य दानीराम वर्मा और विकासखंड शिक्षा अधिकारी एसआर चांडक को प्रभारी बनाया गया था। प्रत्येक विकासखंड से आने वाले बच्चों के रहने और भोजन तक की व्यवस्था की गई थी।
सभी विकासखंड के अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए थे कि सुबह 11 बजे तक प्रतियोगिता में शामिल होने वाले बच्चों को दानी स्कूल पहुंचा दें। आज सुबह से अधिकारी तैयारी से बैठे थे।
दानी स्कूल के हाल में अतिथियों के लिए बाकायदा मंच तक बनाया गया था। परंतु धरसींवा विकासखंड के बच्चों के अलावा अन्य किसी भी विकासखंड के बच्चे नहीं पहुंचे। अफसरों ने दोपहर 12 बजे तक प्रतियोगी बच्चों का इंतजार किया। विकासखंड के शिक्षा अधिकारियों से जवाब-तलब भी किया गया। बताते हैं कि अफसरों ने यह कहकर माफी मांग ली कि बच्चे गर्मी की छुट्टी मनाने गए हैं। उन्हें पकड़कर तो नहीं लाया जा सकता।
7 के 7 विजयी
प्रतियोगिता में सभी सातों प्रतियोगियों को विजेता घोषित किया गया है। निबंध प्रतियोगिता में लिपि भोई व रोमा ठाकुर(मिडिल स्कूल), जितेंद्र सिंह व प्रदीपठाकुर (हाई स्कूल) पुरस्कृत हुए। चित्रकला प्रतियोगिता में पद्मिनी निषाद, ऐश्वर्या डगी व कृष्णा विश्वास को पुरस्कृत किया गया। दानी स्कूल के प्राचार्य ने बच्चों को सम्मानित किया।