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गोलबाजार में आग

रायपुर. गोलबाजार के शुक्ला रोड मार्केट एरिया में रविवार रात 2.30 बजे भीषण आग में तेल-किराने की दो दुकानें खाक हो र्गई। आग आसपास फैलती, उससे पहले दमकल विभाग ने उस पर काबू पा लिया। इसमें तीन घंटे से ज्यादा समय लगा। आगजनी में 20 से 25 लाख रुपए के नुकसान का अंदेशा है।

बताते हैं, देर रात विनीत किराना स्टोर्स में शार्ट सर्किट से आग भड़की। थोड़ी देर में ही दुकान आग की भयंकर लपटों से घिर गई। बाजू वाली दुकान भी इसकी चपेट में आ गई। दुकानों से धुआं उठता देख किसी ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी। इधर, दुकान के संचालक को फोन कर चौबेकालोनी से बुला लिया गया। जिस वक्त फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, दुकान में लगे लोहे और टीन के शेड आग के गोले की दहक रहे थे।

बंद दुकान के भीतर तेल के टिन और घी के जार में विस्फोट से आग विकराल रूप लेती जा रही थी। दुकान को खोलना तो दूर, फायर ब्रिगेड का अमला उसके करीब जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। जैसे-तैसे शेड को एक जगह से तोड़ा गया और वहां से दुकान के भीतर फोर्स के साथ पानी फेंका गया। बड़ी मुश्किल से आग पर तीन-चार घंटे में सुबह तक काबू पाया जा सका। इसके लिए फायर ब्रिगेड की आधा दर्जन गाड़ियों को तीन-तीन फेर लगाने पड़े।

दोनों किराना दुकान पूरी तरह खाक हो गईं। इनमें ऐसा कोई सामान इस्तेमाल के लायक नहीं बचा। जितना सामान नीचे था, उससे ज्यादा ऊपरी स्टोर रूम में रखा था। दुकान का फर्नीचर कोयले के ढेर में तब्दील हो गया। लोहे का सामान भी दोबारा उपयोग लायक नहीं रहा। दुकान के संचालक विनीत राठौर आज दिन कुछ लेबर के साथ मलबा साफ करने में जुटे रहे। आगजनी से बदहवास संचालक का कहना है कि फिलहाल वे क्षति का आंकलन नहीं कर पाए हैं, लेकिन नुकसान 20 लाख रुपए से ज्यादा का अनुमानित है। आगजनी में स्वाहा बाजू वाली दुकान उनके रिश्तेदार लक्ष्मीनारायण की है।

परिवार पर दुर्भाग्य का साया

संचालकों ने बताया कि दुकान का इंश्योरेंस है, वे मुआवजे के लिए दावा करेंगे। जो दुकान आगजनी में खाक हो गई, पखवाड़ेभर पहले इसकी छत का शेड काटकर चोर घुसे और 25 हजार रुपए से ज्यादा का सामान समेट कर ले गए थे। लगातार हो रही घटनाओं से राठौर परिवार इतने सदमे में है कि उनकी आगामी योजनाएं गड़बड़ाने लगी हैं। बड़े बेटे सुबोध की आठ महीने पहले अचानक मृत्यु से परिवार के मुखिया चेतन राठौर दुख से अभी उबर भी नहीं पाए थे कि आगजनी से उन्हें गहरा आघात लगा है। उनके परिवार का न केवल किराना, बल्कि पेट्रोल पंप और जमीन का भी कारोबार है।

मुस्तैदी से रोकी बड़ी तबाही

फायर ब्रिगेड की मुस्तैदी की वजह से ही वहां दर्जनभर अन्य दुकानों को सुरक्षित बचा लिया गया। अगर बाजू में दोने-पत्तल की दुकानों तक आग फैल जाती तो इससे भारी तबाही हो सकती थी। दुकान के आसपास इतना तेल फैल गया था कि आग बुझाते फायर ब्रिगेड कर्मी कई बार फिसल कर गिर पड़े। उन्हें मौके पर पूरे जज्बे के साथ जूझते देखा गया। तेल में लगी आग पर पानी से काबू पाना मुश्किल हो गया तब फोम का इस्तेमाल कर आग पर काबू पाया जा सका।





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