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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर सीपत विधानसभा क्षेत्र के ग्राम खांड़ा की आबादी 3 से 4 हजार होगी। इस ग्राम पंचायत की प्राथमिक शाला में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 240 है। स्कूल का नया भवन है, हेडमास्टर और मास्टर सभी हैं पर कमी है तो बच्चों के स्कूल आने की।
बच्चों को स्कूल तक लाने की जिम्मेदारी हेडमास्टर श्री मरावी ने मासूम बच्चों को दे रखी है। गुरुजी के आदेश का अक्षरश: पालन गांव के नन्हें-मुन्ने बच्चे करते दिखाई दिए। बिलासपुर से बलौदा जाने वाले मुख्य मार्ग बसे ग्राम खांडा की सड़क पर इन बच्चों को हाथ उठा-उठाकर नारा लगाते साहसा यह समझ में नहीं आता है कि बच्चे ऐसा क्यों कर रहे हैं।
सड़कों पर लोगों का आना जाना बदस्तूर जारी रहता है, लेकिन कोई उनसे रूककर कुछ पूछना नहीं चाहता। सड़क पर नारा लगाते चल रहे बच्चों को रोककर जब पूछा गया तो एक मासूम सा बच्च चंद्रभान सिंह मरावी जो दो दर्जन से अधिक बच्चों की इस शिक्षा अलख यात्रा का नेतृत्व कर रहा था ने मासूमियत से जवाब दिया कि गांव के बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं इसलिए गुरुजी ने उसे गांव के सभी बच्चों को घर-घर से साथ लेकर स्कूल लाने कहा है। साथ ही ‘बढ़े चलो.. पढ़े चलो..’ का नारा लगाने भी कहा है।
उसने बताया कि गांव में स्कूल जाने वाले बच्चों की संख्या 240 है, लेकिन अभी सभी स्कूल नहीं जाते हैं। सभी को स्कूल ले जाना है इसलिए गांव की हर गली में यह नारा लगाकर बच्चों को स्कूल लाया जाता है।
रोज मिलता है मध्याह्न् भोजन
स्कूल में मध्याह्न् भोजन की स्थिति ठीक है। रोजाना सभी बच्चों को दोपहर का खाना स्कूल में मिल जाता है। बच्चों से पूछे जाने पर सभी ने मासूमियत से एक ही जवाब दिया कि उन्हें खाना मिलता है। खाना कैसा होता है यह कोई भी नहीं बता पाया। कितना मिलता है पूछने भरपेट मिलने की बात बताई गई।