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तीखे हुए तेवर

छिंदवाड़ा, गुना, बैतूल, होशंगाबाद, विदिशा, सीहोर.b छिंदवाड़ा जिले में 27 सालों का रिकार्ड तोड़ते हुए तापमान 43 डिग्री तक जा पहुंचा है। सूरज के ऐसे तेवर लोगों ने पहली बार देखे हैं।

बैतूल जिले में भी दिन पर दिन तापमान उछाल मार रहा है। पिछले साल 22 अप्रैल को अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था जबकि इस साल यह आंकड़ा 42 डिग्री तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 7 डिग्री सेल्सियस अधिक है। इसके अलावा पिछले आठ सालों में यह दूसरी बार है,जब पारा इतना अधिक उछला है। वर्ष 2002 में 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

होशंगाबाद जिले में 22 अप्रैल को तापमान 43.7 डिग्री दर्ज किया गया है। गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष तापमान में चार डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। गत वर्ष 22 अप्रैल को 39.7 डिग्री अधिकतम तथा 23.0 न्यूनतम तापमान रिकार्ड किया गया था। वहीं इस वर्ष मंगलवार को अधिकतम तापमान 43.7 और न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री रिकार्ड हुआ है।

विदिशा जिले में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जो इस साल अब तक सर्वाधिक है।

सीहोर जिले में मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं न्यूनतम 21.5 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि पिछले वर्ष इसी तारीख को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 21.5 डिग्री रिकार्ड किया गया था।

बीमारियों ने घर देखा

तापमान बढ़ने का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ा है। उल्टी-दस्त और बुखार के मरीज बढ़ गए हैं। स्थिति को देखते हुए चिकित्सा अधिकारी ने विकासखंड स्तर पर काम्बेट टीम का गठन किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा जेएस गोगिया ने बताया कि तापमान में हो रही बढ़ोतरी के कारण उल्टी-दस्त व ग्रीष्मकालीन बीमारियों की आशंका को देखते हुए अमला सजग है। मैदानी कर्मचारियों को औसत दवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। महामारी नियंत्रण इकाई का गठन व जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया गया है। गुना जिले में गर्मी के बढ़ते ही लू लगने की शिकायतें बढ़ने लगी हैं।

ऐसे बचें गर्मी से

अचानक गर्म से ठंडे में और ठंडे से गर्म स्थान पर न जाएं।

धूप में सिर को ढंककर रखें।

धूप में खाली पेट न निकलें।

खूब पानी पिएं।

बाहर पानी पीने से बचें।





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