भोपाल. ‘मेरा नाम चगला है। मैं बुधिया के कोच बिरंची दास का हत्यारा हूं।’ शहर के एक निजी टीवी चैनल के दफ्तर में आए सामान्य से दिखने वाले एक युवक के यह कथन सुनकर सिक्योरिटी गार्ड हतप्रभ रह गए। कुछ देर बाद ही नजारा बदल गया। चगला स्टूडियो में बैठा था और बाहर मीडिया की भीड़ लग चुकी थी। सभी चगला को देखने के लिए बेताब थे, जिसे कुछ देर बाद पुलिस अपने साथ ले गई।
लाल धागा दो फिर कुछ कहूंगा
राजधानी में यह अपनी तरह का पहला मामला है, जब किसी आरोपी ने इस अंदाज में खुद को पेश किया हो। चगला चार दिन से भोपाल में ही था। मंगलवार को उसने पहले चैनल के एक रिपोर्टर से फोन पर बात की, फिर मिलने पहुंच गया। सिक्योरिटी गार्ड की सूचना मिलते के बाद चैनल का स्टाफ चगला की अगवानी को लपका। लाइव टेलीकास्ट की पूरी तैयारी थी, लेकिन चगला ने शर्त रखी कि उसे पहले लाल धागा दिया जाए तब ही वह कुछ कहेगा।
मांग पूरी होने के बाद चगला ने बोला कि उसने क्यों और कैसे बिरंची की हत्या की थी। लाइव प्रसारण शुरू हुआ, शहर में हलचल मच गई। देखते ही देखते एमपी नगर का एक हिस्सा मीडियाकर्मियों और कैमरामैन की भीड़ से घिर गया। कुछ देर बाद वहां पुलिस पहुंच र्गई। एएसपी डा. गिरिजाकिशोर पाठक और टीटी नगर के टीआई सलीम खान सहित करीब 10 पुलिसकर्मी चैनल कार्यालय में गए। लाइव टेलीकास्ट के बीच ही पुलिस ने उसकी तलाशी ली। इसके बाद पुलिस चगला को लेकर एमपी नगर थाने चली गई।
क्या बताया चगला ने
रुपयों के लेनदेन के विवाद पर पांच रसूखदार लोगों ने बिरंची को रास्ते से हटाने के लिए चगला से संपर्क किया था। इनमें एक आईएएस अधिकारी श्री पटनायक के भाई, शंकर राय और उड़िया फिल्म की एक अभिनेत्री भी शामिल है। चगला को इस काम के लिए 10 लाख रुपए देने की बात कही गई। उसे एडवांस दो लाख रुपए भी दिए गए। काम हो जाने के बाद चगला ने पांचों लोगों को बाकी आठ लाख रुपए के लिए फोन लगाया, लेकिन सभी के मोबाइल फोन लगातार बंद मिल रहे हैं। इसके बाद वह कोलकाता गया और वहां से भोपाल आया।
आरोपी का यह भी कहना है कि उड़ीसा का एक डान राजा आचार्य भी इस मामले में शामिल है। यहीं कारण है कि राजा और चगला ने उनकी हत्या कर दी। भुवनेश्वर के कमिश्नर विनय कुमार बेहरा ने दैनिक भास्कर को बताया कि चगला को भोपाल से लाकर पूछताछ की जाएगी। उन्होंने बताया कि राजा और चगला का पुराना आपराधिक रिकार्ड है।