इंदौर. रीगल टॉकिज के मामले में कोर्ट के फैसले को लेकर अजीब सी स्थिति बन गई है। नगर निगम और टॉकिज प्रबंधन दोनों ही इसे अपने-अपने पक्ष में बता रहे हैं। दोपहर में निगम प्रशासन ने मिठाई बांटकर जीत का जश्न मनाया तो टॉकिज प्रबंधन ने शाम छह बजे से शो शुरू कर दिया। अब निगम प्रशासन अवमानना की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
दोपहर : जीत का जश्न
कोर्ट ने दिए ताला बरकरार रखने के आदेश : जिला कोर्ट ने रीगल प्रबंधन के उस आवेदन को खारिज कर दिया जिसमें सिनेमाहॉल खोलने की मांग की गई थी। फैसले के बाद दोपहर से शाम तक निगम के पदाधिकारी सीना ताने एक-दूसरे को बधाई देते रहे। निगम द्वारा २ अप्रैल को रीगल सिनेमाहॉल पर डाले गए ताले के विरोध में सिनेमा प्रबंधन ने जिला कोर्ट की शरण ली थी। २क् दिनो मे दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने निगम के पक्ष में फैसला दिया।
निगम को भी निर्देशित किया गया कि सिनेमा प्रबंधन को नियमोंके विपरीत बेदखल न किया जाए। न ही बलपूर्वक उसका सामान हटाकर परिसर में तोड़फोड़ की जाए। निगम के वकील नवीन नवलखा और सुभाष त्रिवेदी ने बताया बताया फैसला निगम के पक्ष में है। सिनेमा प्रबंधन ने फैसले को गलत ढंग से पढ़कर शो शुरू किया। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भवन और परिसर के सामान पर सिनेमा हॉल प्रबंधन का कब्जा है। स्ट्रक्चर और सामान हटाने के लिए तीन महीने का नोटिस देना उचित है। इस दौरान सिर्फ सामान की सुरक्षा के लिए प्रबंधन और स्टाफ दूसरे द्वार से परिसर में आ-जा सकेंगे। शो शुरू करने का आदेश में कहीं कोई जिक्र नहीं है।
निगम ने बचाए 25 लाख : वकीलों ने बताया २५ करोड़ की इस जमीन पर कब्जे के लिए यदि नगर निगम सिनेमा प्रबंधन के खिलाफ कोर्ट की शरण लेता तो उसे स्टाम्प डच्यूटी के रूप में २५ लाख रुपए का भुगतान करना पड़ता।
क्या बोले जिम्मेदार
अवमानना का प्रकरण दर्ज करवाएंगे
निगम कोर्ट के आदेश का विधि परीक्षण करवा रहा है और इसी के बाद हम आगे की कार्रवाई करेंगे।’
-डॉ. उमाशशि शर्मा, महापौर
यह कहना गलत है कि टॉकिज प्रबंधन कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ाता रहा और निगम देखता रहा। जरूरत पड़ने पर अवमानना का प्रकरण भी दायर करेंगे। टॉकिज प्रबंधन ने आबकारी नियमों को ताक पर रखा है। इस संबंध में आबकारी विभाग को भी कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जा रहा है।
-नीरज मंडलोई, निगमायुक्त
शाम : ‘वन टू थ्री’ शो शुरू
निगम के पदाधिकारी जहां जीत के जश्न में व्यस्त थे वहीं सिनेमा प्रबंधन ने कोर्ट के फैसले को अपने पक्ष में बताते हुए बीस दिन से बंद सिनेमा हॉल के दरवाजे खोलकर फिल्म ‘वन टू थ्री’ का शो चालू कर दिया। जानकारी मिलने के बाद भी निगम प्रशासन हाथ पर हाथ रखकर बैठा रहा। मंगलवार की शाम पांच बजे ठाकुरिया परिवार संबंधितों और स्टाफ के साथ सिनेमा हॉल पहुंचा। पहले ताला लगे द्वार पर पर्दा डाला और बाद में दूसरा द्वार खोलकर शो शुरू कर दिया। जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में दर्शक भी फिल्म देखने पहुंचे। खुशी का इजहार करते हुए कर्मचारी एक-दूसरे के गले मिले और बधाई दी। इतना ही नहीं कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए एक नोटिस भी ताला लगे द्वारा पर चिपका दिया गया।
क्या है नोटिस में : ‘न्यायालय द्वारा रीगल सिनेमा पर नगर निगम के आधिपत्य को अमान्य कर दिया गया है। मुख्य द्वार के ताले के बारे में न्यायालय द्वारा निर्णय आगामी वाद में लिया जाएगा। दर्शकों से निवेदन है कि वे बायीं और के मुख्य द्वार से प्रवेश करें। दर्शकों को होने वाली असुविधा के लिए रीगल परिवार क्षमा प्रार्थी है।’
जशन के बाद ‘टशन’ की तैयारी : शो शुरू होते ही सिनेमा प्रबंधन ने शुक्रवार को रिलीज होने वाली फिल्म ‘टशन’ की तैयारियां शुरू कर दीं। टॉकिज के अंदर और बाहर दोनों ओर फिल्म के पोस्टर्स चिपका दिए गए।
निगम का गेट पर कब्जा, सिनेमाहॉल पर नहीं : फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर किशोर भुराड़िया ने बताया कोर्ट का फैसला स्पष्ट रूप से हमारे पक्ष में है। फैसले में कोर्ट ने मुख्य द्वार पर लगे ताले को खोलने की याचिका खारिज कर प्रबंधन को दूसरे द्वार से प्रवेश की अनुमति दे दी। फैसले में सिनेमा हॉल बंद रखने का जिक्र नहीं है। सिनेमा हॉल मैनेजर मुकेश शाह ने बताया निगम द्वारा किए गए कब्जे को गलत ठहराते हुए कोर्ट ने लीज के दस्तावेजों को जाली मानने से इनकार कर दिया। नियम के विपरीत हमें न आधिपत्य से बेदखल कर निगम सामान और परिसर में तोड़फोड़ नहीं कर सकता। मुख्य द्वार पर लगे ताले के संबंध में जल्द ही दीवानी मुकदमा दायर करेंगे।