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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर.
देवपुरी के पास दो दिन पहले हुए हादसे में कारोबारी की मौत से गुस्साए लोग आज फिर सड़क पर उतर आए। 48 घंटे में कार्रवाई का वादा पूरा नहीं होने पर उन्होंने चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने वहां चार घंटे तक हंगामा किया।
आरोपी ट्रक चालक की गिरफ्तारी और वहां स्थित बस्तर-कारोपुट दफ्तर के ट्रांसपोर्टरों को हटाने की जिद पर अड़े प्रदर्शनकारी रात तक वहां डटे रहे। रविवार को इस मार्ग पर एक अनियंत्रित ट्रक ने कारोबारी राजेश मेघानी को कुचल दिया था। सिंधी समाज के लोगों ने उस दिन चक्काजाम किया और बस्तर-कोरापुट के दफ्तर में भी धावा बोल दिया। वहां ट्रांसपोर्टरों से उनकी भिड़ंत हुई। खूब लाठियां बरसीं। पुलिस को भी लाठियां चलानी पड़ी।
प्रशासन ने 48 घंटे में कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब लोग हटे थे। आज वह अवधि समाप्त हो गई। आज ही समाज के लोग मृतक राजेश की पगड़ी रस्म के लिए देवपुरी में इकट्ठे हुए थे। वहीं से वे निकले और शाम को धरना दे दिया। पुरुषों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी इसमें शामिल हुईं। कुछ ने हाथ में लाठियां थाम रखी थीं। सड़क जाम की खबर सुनकर ट्रांसपोर्टरों की भीड़ भी मौके पर इकट्ठी हो गई।
दोनों गुटों के बीच गालीगलौज हुआ और फिर वे आमने-सामने आ गए। पुलिस को इसकी खबर मिली और पूरे इलाके को घेर लिया गया। सीएसपी आईएच खान, सीएसपी बीबीएस राजपूत समेत कई अफसर वहां पहुंच गए। काफी देर तक उन्होंने दोनों गुटों को समझाने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। इलाके के पार्षद आनंद कुकरेजा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश वल्र्यानी और चैंबर अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी देवपुरी के लोगों की तरफ से ट्रक चालक की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।
उन्होंने मृतक राजेश के पिता मेघानी के खिलाफ थाने में दर्ज मामले को वापस लेने की भी मांग की। इधर, ट्रांसपोर्टरों की भीड़ लाठियां थामे देर रात तक मौके पर तैनात रही। उन्होंने कई बार लोगों पर हमला करने की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस की मौजदूगी में स्थिति काबू में रही। तनाव के बाद पुलिस अफसरों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। पार्षद श्री कुकरेजा ने पहले इस बात पर रोष जाहिर किया कि समाज के तमाम प्रतिनिधि यहां मौजूद हैं, बातचीत के लिए प्रशासन के आला अफसर नहीं पहुंचे, प्रतिनिधियों को भेज दिया।
ऐसा लगता है कि प्रशासन मामले को सुलझाना नहीं चाहता था। बात में चर्चा के दौरान कल से वहां स्पीडब्रेकर का काम चालू करने का आश्वासन मिला। कारोपुट दफ्तर को हटाने के संबंध में कल ही 11 बजे कंट्रोल रूम में एसपी ने दोनों पक्षों की बैठक बुलाई है। रविवार को चक्काजाम, लाठीचार्ज के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामले वापस लेने का भी आश्वासन दिया गया। उसके बाद लोगों ने रास्ता छोड़ा। चक्काजाम करने वालों में भारामल, अमर पंजवानी, प्रेम बिरनानी, किशोर आहूजा, सुभाष बजाजा, दौलत रोहरा, गुल्लु हिंदुजा, प्रकाश लालवानी, रवि वधवानी, अनिल गुरूबक्षाणी, मुरली गावरी, बलराम रूपरेला, रूपचंद कुकरेजा, श्याम चावला शामिल थे।