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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. दोपहर की चिलचिलाती धूप और 42 डिग्री की आग लगाती गर्मी में पीठ पर अपने वजन के बराबर बस्ता लादे स्कूली बच्चों का रुआंसा चेहरा बरबस ही अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। धूप ने इन दिनों बड़े-बड़ों की हालत खराब कर दी है, जिससे बचने लोगों को अपनी दिनचर्या बदलनी पड़ी है। शहर के सीबीएसई पाठच्यक्रम संचालित स्कूलों को इससे कोई सरोकार नहीं है। मौसम चाहे कोई भी हो स्कूल का समय वे अपनी इच्छा से ही तय करेंगे।
सीबीएसई पाठच्यक्रम से संचालित स्कूलों में बच्चों का भविष्य निर्माण तो हो रहा है, लेकिन उसकी आड़ में कहीं ना कहीं प्रबंधन अपने अड़ियल रवैए के चलते बच्चों का जीवन ही दांव पर लगा रहा है। स्कूलों में पढ़ रहे बच्चे अपनी-अपनी सुविधानुसार स्कूल पहुंचते हैं। स्कूल बस, आटो, रिक्शा या फिर अभिभावक के साथ। स्कूल खुलने का समय सुबह सात बजे है, लेकिन छुट्टी साढ़े बारह से एक बजे के बीच ही होगी। छुट्टी होने के बाद स्कूल का नजारा देखने लायक होता है। घर लौटने के लिए स्कूल बस हो या आटो या फिर रिक्शा, लेकिन सुरक्षा कहीं नहीं है। दोपहर की तेज धूप और गर्म हवाओं से बच्चों का आहत होना तय है। बच्चे सुबह से ही घर से निकले होते हैं, जिससे लौटते तक भूख व प्यास लगने लगती है। ऐसे में तेज धूप चक्कर, उल्टी, बेहोशी का कारण बनती है।
स्कूलों का टाइम-टेबल
शहर के लगभग सभी स्कूलों के खुलने व बंद होने का समय एक ही है। डीएवी पब्लिक स्कूल की कक्षाएं सुबह 7.5 में लगती हैं, वहीं दोपहर 12 बजे छुट्टी होती है। सेंट फ्रांसिस स्कूल में 11 बजे प्री नर्सरी की छुट्टी होती है, वहीं 12 बजे अन्य कक्षाओं की। सेंट जेवियर स्कूल की छुट्टी दोपहर एक बजे होती है। इसी तरह महर्षि स्कूल में भी छुट्टी का समय दोपहर एक बजे है। ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल में कक्षाएं दो पालियों में लगती हैं, लेकिन छुट्टी का समय दोनों का दोपहर ही है। पहली शिफ्ट सुबह 8 से 11.30 एवं दूसरी शिफ्ट 9 से 12 बजे तक लगती है। दिल्ली पब्लिक स्कूल में भी कक्षाएं दो पालियों में लगती हैं, जिसके तहत पहली पाली 7.30 से 11.30 व दूसरी 9 से 12.45 तक लगती है। कुल मिलाकर स्कूल जाने का समय तो ठीक है, लेकिन छुट्टी का समय दुखदायी साबित हो रहा है।