News
Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. ग्वालियर में स्पेशल इकनोमिक जोन (सेज) के निर्माण के लिए केन्द्र सरकार ने मध्यप्रदेश सरकार को एक मौका और दिया है। सेज निर्माण की प्रक्रिया के लिए निर्धारित सयम सीमा में केन्द्र सरकार ने छह माह की वृद्धि कर दी है।
केन्द्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय ने राज्य शासन के प्रस्ताव पर इंदौर के बाद ग्वालियर में सेज निर्माण के लिए अप्रैल 2006 में स्वीकृति दी थी। राज्य सरकार को ग्वालियर में सेज निर्माण के लिए एक साल का समय दिया गया था। बाद में एक साल की समय सीमा बढ़ा दी गई। यह समय सीमा इस माह खत्म हो गई लेकिन सेज निर्माण के लिए ग्वालियर में जगह के चयन का मामला भी नहीं सुलझा।
सेज निर्माण की नोडल एजेंसी इंडस्ट्र्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कापरेरेशन (आईआईडीसी) ने सेज निर्माण में एक वर्ष की समय सीमा बढ़ाने के लिए राज्य शासन के माध्यम से केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा। बीते सप्ताह केन्द्र सरकार ने सेज निर्माण के लिए छह माह की समय सीमा बढ़ा दी। इस आशय का पत्र आईआईडीसी में आ चुका है। आईआईडीसी के वित्तीय सलाहकार अशोक खंडेलवाल का कहना है कि सेज निर्माण की प्रक्रिया अवधि में पूरी हो जाएगी।
आईआईडीसी ने काउंटर मेग्नेट सिटी के मास्टर प्लान में शामिल कुलैथ गांव में 1104.631 हेक्टेयर जमीन चिह्न्ति की है। यह जमीन वन विभाग की है। ग्वालियर में एक ही चक में राजस्व की इतनी भूमि उपलब्ध नहीं है। अब राज्य शासन इस जमीन के बदले में वन विभाग को राजगढ़ में राजस्व विभाग की इतनी ही जगह उपलब्ध करा रहा है। इसके लिए केन्द्रीय वन मंत्रालय की सहमति भी आवश्यक है।
आईआईडीसी के अधिकारियों के अनुसार केन्द्रीय वन मंत्रालय के रीजनल कार्यालय भोपाल के चीफ कंजरवेटर जल्द सेज निर्माण के लिए चिह्न्ति जमीन का निरीक्षण करने आने वाले हैं।
- सेज निर्माण के लिए भूमि संबंधी कार्रवाई राज्य शासन स्तर पर की जानी है। इसके लिए हम प्रस्ताव मुख्यालय भेज चुके हैं। स्थानीय स्तर पर इस संबंध में सारी कार्रवाई हो चुकी है।
राकेश श्रीवास्तव, कलेक्टर ग्वालियर