News
Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर.
गजराराजा मेडिकल कॉलेज के पीजी छात्र अब जल्द ही अपनी ईको कार्डियोग्राफी थीसिस पूरी कर पाएंगे। छात्रों के साथ-साथ मरीजों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए जेएएच प्रशासन ने रोगी कल्याण समिति के पैसे से नई मशीन खरीदने के लिए संभागायुक्त को पत्र लिखा है। उधर सिटी भास्कर में छपी खबर के बाद अस्पताल प्रशासन ने आईसीयू में खराब पड़ी ईको कार्डियोग्राफी मशीन को ठीक करने के लिए कम्पनी को भी नोटिस भेजा,जिसके चलते मंगलवार को मशीन को ठीक करने दिल्ली से इंजीनियर आ गया है। शाम तक मशक्कत करने के बाद भी यह मशीन दुरुस्त नहीं हो पाई थी।
जयारोग्य चिकित्सालय की गहन चिकित्सा इकाई में पिछले करीब दो माह से खराब पड़ी ईको कार्डियोग्राफी मशीन के कारण मरीजों के साथ-साथ मेडिकोज को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मशीन खराब होने के कारण मेडिकोज की थीसिस कम्पलीट नहीं हो पा रही है। ज्ञात रहे कि गजराराजा मेडिकल कालेज से एमडी करने वाले पीजी छात्रों को शोधकार्य के लिए जेएएच पर निर्भर रहना पड़ता है। ये छात्र अपना शोधकार्य पूरा करके सितम्बर माह तक अपनी थीसिस तैयार कर विश्वविद्यालय में प्रस्तुत करते हैं। थीसिस के परीक्षा में अलग से अंक जोड़े जाते हैं जो छात्र की डिवीजन बनाने में काफी अहम भूमिका निभाते हैं। आईसीयू में स्थापित इकलौती ईको कार्डियोग्राफी मशीन खराब होने से मेडिकोज का शोधकार्य पूर्ण नहीं हो पा रहा है।