जयपुर. तबादलों के लिए इस बार कर्मचारियों से ज्यादा मंत्री बेचैन हो रहे हैं। इसके लिए कुछ मंत्रियों ने तो मुख्यमंत्री वसुंधराराजे को आग्रह पत्र भी लिख दिए गए हैं। पंचायतीराज मंत्री कालू लाल गुर्जर ने तो तबादलों की अनुमति के मुद्दे को मंत्रिमंडल की बैठक में उठाने की तैयारी कर ली है।
मंत्रियों की उत्सुकता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने दो दिन पहले शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ की जानकारी में लाए बिना ही साढ़े तीन सौ शिक्षकों के तबादले कर दिए थे। बाद में सराफ के हस्तक्षेप से उन्हें सूची रोकनी पड़ी। शिक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री से 15 मई से 20 जून तक तबादलों पर से रोक हटाने की मांग कर रखी है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग भी 15 अप्रैल से तबादले नहीं कर पाने की कसर अभी पूरी करना चाहता है। सामान्यतया गर्मियों और मौसमी बीमारियों की वजह से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और बिजली कंपनियों में तबादलों पर बैन रहता है।
चुनाव आचार संहिता के डर और कार्यकर्ताओं को राजी करने के नाम पर ये विभाग भी अभी तबादले करना चाहते हैं। चिकित्सा विभाग ने तो उम्मीद लगा रखी है कि उन्हें चार-पांच दिन में ही तबादले करने की छूट मिल जाएगी।
रोक हटाने का प्रस्ताव अगले महीने भेजेंगे:
तबादलों पर रोक हटाने पर अभी चर्चा नहीं हुई हैं। मुख्यमंत्री सर्वजन संबल अभियान के कारण दस बारह मई तक तो कुछ होना नहीं है। मई के प्रथम सप्ताह में विभाग से प्रस्ताव बनाकर भेजेंगे। अनुमति मिलने के बाद तबादलों पर रोक हटाने के आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
तपेश पंवार, प्रमुख सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग