भिखीविंडसभी व्यस्त.. सरबजीत की पत्नी सुखप्रीत कौर करेले व भिंडी काटने में लगी हुई है.. बेटियां पूनमदीप व स्वप्नदीप सामान पैक कर रही हैं। हर कोई सरबजीत के लिए कुछ स्पैशल ले जाने की कोशिश में है। गांववाले उनके घर में भीड़ लगाकर सभी को देख रहे हैं। सभी के चेहरे पर खुशी और मन में उम्मीद.. एक संकल्प कि सरबजीत को लेकर ही आएंगे।
यह वही घर है जिसके दरवाजे में दाखिल होते ही कल तक परमात्मा, पाक के राष्ट्रपति और भारत सरकार से अपील की आवाज बार-बार सुनने को मिलती थी। मंगलवार शाम यहां अजीब किस्म की खुशबू थी। घर में जाने वालों को मालूम हो जाता था कि अंदर कोई अच्छे पकवान बन रहे हैं। बुधवार सुबह सात बजे सरबजीत के परिजन पाक जाने के लिए भिखीविंड से रवाना हो रहे हैं। सुखप्रीत ने कहा कि वह अपने पति के लिए चूरी बनाकर जाएगी। आलू का परांठा वह ले जाना चाहती थी, लेकिन खराब होने डर से नहीं ले जाएगी। साथ ही वह नहाने के साबुन, टॉवल और अन्य सामान भी ले जाएगी।
पिता का स्कैच तैयार कर रही थी पूनम
छोटी बेटी पूनमदीप अपने पिता को गिफ्ट देने के लिए उनकी तस्वीर का स्कैच बना रही थी। वह अपने पिता की गुमशुदगी के बाद पैदा हुई थी।
सुबह पाकिस्तान रवाना होंगे
सरबजीत के जीजा बलदेव सिंह के अनुसार दलबीर कौर, सुखप्रीत, पूनमदीप व स्वप्नदीप पाक के लिए सुबह सात बजे भिखीविंड से रवाना होंगे। सभी को यकीन है कि सरबजीत जल्द रिहा होगा। बेटियों का कहना है कि भगवान चाहेगा तो वह अपने पापा के साथ ही आएंगी।