जालंधर प्राइवेट सैक्टर हो या पब्लिक सैक्टर मेल एंप्लाइज के मुकाबले फीमेल एंप्लाइज ज्यादा छुट्टियां करती हैं। यही नहीं कॉरपोरेट सैक्टर के अधिकारी भी मानते हैं कि वुमन एंप्लाइज की छुट्टियां अकसर साल में तय छुट्टियों की लिमिट क्रास कर जाती है। इसके पीछे के पहलुओं को जाना भास्कर ने
एक मैनेजमैंट इंस्टीच्यूट के स्टूडैंट्स की तरफ से देश के कुछ मैट्रोज में की गई रिसर्च के हवाले से माना गया है कि मेल एंप्लाइज की तुलना में फीमेल एंप्लाइज ज्यादा छुट्टियां लेती हैं। महिलाएं मैडिकल लीव सबसे ज्यादा लेती हैं। फैक्ट ये भी है कि छुट्टियां लेने में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या 30 से 35 फीसदी अधिक है, हालांकि छु्ट्टियां लेने वाली महिलाएं ज्यादातर शादीशुदा ही होती हैं। इस रिसर्च का एक पॉजीटिव पहलू ये भी है कि फीमेल एंप्लाइज मेल एंप्लाइज से ज्यादा अपने काम के प्रति ज्यादा डैडीकेट होती हैं।
बस जिम्मेदारी का अहसास करवाना जरूरी है
हमारे यहां एजुकेशनल इंस्टीच्यूट्स होने के कारण फीमेल स्टाफ सबसे ज्यादा है। देखा जाए तो टीचिंग प्रोफैशन में फीमेल ही ज्यादा हैं। इसलिए इनकी छुट्टी की आदत हम बेहतर जानते व समझते हैं। मेरी सहमति है रिसर्च के फैक्टर्स से, मगर कई बार स्थिति ही ऐसी बन जाती है कि समझौता नहीं किया जा सकता। चूंकि एक लड़की को पत्नी, बहू और बेटी की जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। इससे उसकी जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ जाती है। लेकिन इनकी सबसे बड़ी विशेषता है कि ये अपने काम को गंभीरता से करती हैं। अकसर फैमिली प्रॉब्लम को ही छुट्टी के लिए हथियार बनाती हैं, मगर जब झूठ बोलकर छुट्टी की बात हो तब इनका चेहरा बता देता है। दूसरा जरूरी है कि इन्हें इनकी जिम्मेदारी व काम का अहसास करवाते रहें तो कोई समस्या ही नहीं रहती।
- अमन मित्तल, डायरैक्टर कॉरपोरेट रिलेशन्स, लवली ग्रुप।
ठीक है जिम्मेदारी भी ज्यादा है
हमारे यहां स्टाफ में 50 फीसदी महिलाएं ही काम करती हैं। इस रिसर्च के फैक्ट सही हैं। यहां भी फीमेल एंप्लाइज छुट्टियां ज्यादा करती हैं, मगर देखा जाए तो हर जगह महिला का ही टाइम मांगा जाता है। कई बार आफिस का स्ट्रैस भी बढ़ जाता है। ऐसे में अगर छुट्टियां करती भी हैं, तो बुराई नहीं है, क्योंकि फीमेल स्टाफ काम को भी ज्यादा गंभीरता से लेता है। - करण बजाज, मैनेजिंग डायरैक्टर, एमएक्स सर्विसेज
जरूरी काम से ही छुट्टी लेती हैं
पहले पहल लगता था कि छुट्टी ज्यादा लेती हैं, मगर अब सोचते हैं कि वुमन्स की जिम्मेदारियां घर और ऑफिस के प्रति ज्यादा होती हैं। नो डाउट कि वुमन्स घर के जरूरी काम के कारण ही छुट्टी लेती हैं, लेकिन इसी के साथ वह अपने ऑफिस के काम को पूरी जिम्मेदारी और डैडीकेशन के साथ पूरा करती हैं।
- डॉ. हरप्रीत सिंह, आथरेनोवा हॉस्पिटल।