गुवाहाटी: उत्तर पूर्व में आतंकी हमलों में मारे जाने वाले बेकसूर नागरिकों की संख्या जम्मू कश्मीर से अधिक है। इस क्षेत्र ने दहशतगर्दी की वारदातों में भी देश के दूसरे हिस्सों को पीछे छोड़ दिया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के नवीनतम आकड़ों के अनुसार 2007 में उत्तर-पूर्व में 1489 आतंकी वारदातें हुईं , जबकि इस दौरान कश्मीर में 1000 इस तरह की वारदातें हुईं। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस समायावधि में उत्तर पूर्व में 498 नागरिक मारे गए। यह संख्या कश्मीर(158) से बेहद अधिक है।
असम बना आतंकी गतिविधियों का बड़ा केंद्र: देश में नक्सली हिंसा पर जारी इस स्टेटस पेपर में कहा गया है असम में पिछले साल आतंकी वारदातों का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। यहां सबसे अधिक 287 लोग आतंकी गतिविधियों का शिकार बने।
गुवाहाटी यूनिवर्सिटी के शांति और संघर्ष अध्ययन विभाग के प्रमुख गोपाल महंत ने कहा कि यह सचमुच खतरनाक है। असम नए प्रकार की आतंकी गतिविधियों का सामना कर रहा है, जिसमें आतंकी निर्दोष लोगों को निशाना बना रहे हैं। यहां के भीड़भाड़ वाले स्थलों में पिछले साल 100 से अधिक विस्फोट की घटनाएं हुईं। इसके साथ हिंदीभाषियों को सुनियोजित ढंग से निशाना बनाया गया।
गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, नागालैंड, मेघालय और त्रिपुरा के आंतकी हिंसा के प्रभावों पर भी असर डाला गया। इसके कारण यहां निवेशक आने से कतरा रहे हैं। नतीजतन यहां की अर्थव्यवस्था दिनोंदिन खराब होती जा रही है।